टेक्नोलॉजी

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के नहीं, इस रोबोट को भारत में ही किया गया तैयार, AI समिट 2026 में छा गए दोनों Robots

AI Impact Summit 2026: दिल्ली में आयोजित हो रही एआई समिट में दो रोबोट्स पूरी तरह से छाए रहे। एक रोबोट भारत में तैयार किया गया है जबकि दूसरा क्वालकॉम का है।

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AI Impact Summit 2026 (सोर्स- एक्स)

AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जहां दुनिया भर की अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन हो रहा है, वहीं दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। भारत मंडपम के हॉल नंबर 4 में प्रदर्शित ये दोनों रोबोट न सिर्फ तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि ये भी हिंट दे रहे हैं कि आने वाला समय इंसान और मशीन के साझा सहयोग का होगा।

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क्वालकॉम का ‘बूस्टर के1’ बना आकर्षण का केंद्र

अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम के पवेलियन में पेश किया गया ‘बूस्टर के1’ रोबोट लोगों के लिए खास आकर्षण रहा। ये रोबोट आकार में एक छोटे बच्चे जैसा दिखता है, लेकिन इसकी क्षमताएं किसी प्रशिक्षित सहायक से कम नहीं हैं।

कैसे तैयार हुआ ये रोबोट?

कंपनी ने इसमें विशेष प्रोसेसर तकनीक का इस्तेमाल किया है, जो ह्यूमनॉइड और ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यह रोबोट औद्योगिक कार्यों में मदद कर सकता है और साथ ही मनोरंजन भी कर सकता है। समिट में मौजूद दर्शकों ने जब इसे संगीत की धुन पर थिरकते देखा तो तालियों की गूंज पूरे हॉल में सुनाई दी।

हालांकि ये पूरी तरह वॉयस कमांड पर निर्भर नहीं है, बल्कि रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित होता है। इसके बावजूद इसकी गतिशीलता और संतुलन ने तकनीकी विशेषज्ञों को प्रभावित किया।

जियो का ह्यूमनॉइड रोबोट

इसी हॉल में भारतीय टेलीकॉम दिग्गज जियो ने भी अपना उन्नत ह्यूमनॉइड रोबोट प्रदर्शित किया। ये रोबोट ‘विजन-लैंग्वेज-एक्शन’ मॉडल पर आधारित है, यानी ये देख सकता है, भाषा समझ सकता है और निर्देश के मुताबिक काम कर सकता है।

प्रदर्शन के दौरान रोबोट को एक दवा का डिब्बा लाने का निर्देश दिया गया। उसने कैमरे की मदद से वस्तु की पहचान की, कमांड को प्रोसेस किया और कुछ ही पलों में डिब्बा लाकर सौंप दिया। ये प्रक्रिया दर्शकों के लिए किसी साइंस फिक्शन फिल्म के दृश्य से कम नहीं थी।

कंपनी के मुताबिक, ये प्रोटोटाइप अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे तुरंत बाजार में उतारने की योजना नहीं है। लेकिन भविष्य में इसे घरेलू उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा, खासकर बुजुर्गों की सहायता के मकसद से।

रोबोटिक्स का नया दौर

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में इन दोनों रोबोट्स ने यह स्पष्ट कर दिया कि रोबोटिक्स अब केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है। इंडस्ट्री, हेल्थकेयर और घरेलू जरूरतों में इनका उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

जहां एक ओर वैश्विक कंपनियां अपनी उन्नत तकनीक से प्रभावित कर रही हैं, वहीं भारतीय कंपनियां भी नवाचार की दौड़ में पीछे नहीं हैं। जियो का ह्यूमनॉइड इस बात का उदाहरण है कि भारत में भी विश्वस्तरीय एआई आधारित समाधान विकसित हो रहे हैं। समिट में उमड़ी भीड़ और लोगों की उत्सुकता इस बात का संकेत है कि रोबोट अब कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविकता बनते जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में शायद हम इन्हें अपने घरों, दफ्तरों और फैक्ट्रियों में नियमित रूप से काम करते देखेंगे।

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Published on:
19 Feb 2026 02:55 pm
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