
हैकर्स अक्सर लोगों का डेटा चुराते हैं या उनके बैंक अकाउंट में सेंध लगाते हैं और गोपनीय जानकारियां हासिल करते हैं। लेकिन एक हैकर ने तो मौत का खतरनाक खेल ही रच दिया था। इस हैकर ने ऐसी खतरनाक साजिश रची थी कि अगर वह अपने मकसद में कामयाब हो जाता है तो एकसाथ 15 हजार लोगों की जान को खतरा हो सकता था। इस खतरनाक हैकिंग का मामला अमरीका के फ्लोरिडा से जुड़ा है।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के कंट्रोल सिस्टम को किया हैक
रिपोर्ट के अनुसार इस हैकर ने फ्लोरिडा शहर के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के कंट्रोल सिस्टम को हैक कर लिया था। इस हैकर ने खतरनाक साजिश रची और वह पूरे शहर के पानी में जहरीला कैमिकल मिलाना चाहता था। बताया जा रहा है कि हैकर ने ओल्डमार्स वॉटर ट्रीटमेंट के पूरे सिस्टम को हैक कर लिया था। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने कंप्यूटराइज्ड सिस्टम की खतरनाक खामी की पोल खोल दी है।
कर्मचारियों को दिया ऐसा खतरनाक आदेश
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को हैक करने के बाद हैकर ने रिमोट एक्सेस प्रोग्राम के जरिए प्लांट में काम कर रहे कर्मचारियों को पानी में सोडियम हाइड्रोक्साइड की मात्रा को 100 गुना बढ़ाने का खतरनाक आदेश दिया। पिनेलास काउंटी के शेरिफ बॉब गुआलतियरी ने कहा कि पानी में सोडियम हाइड्रोक्साइड की मात्रा प्रति मिलियन 100 हिस्से होने चाहिए जबकि उसने निर्देश दिए कि इसे बढ़ाकर 11,100 हिस्से प्रति मिलियन कर दिया जाए।
हो सकती थी ये समस्याएं
पिनेलास काउंटी के शेरिफ बॉब गुआलतियरी ने बताया कि पानी में सोडियम हाइड्रोक्साइड की मात्रा प्रति मिलियन 100 हिस्से होने चाहिए। हैकर ने निर्देश दिए कि इसे बढ़ाकर 11,100 हिस्से प्रति मिलियन कर दिया जाए। इस केमिकल का इस्तेमाल पानी में मौजूद एसिडिटी को खत्म करने के लिए किया जाता है, लेकिन यही कंपाउंड साबुन और नाले साफ करने वाले प्रोड्क्टस में भी होता है। इसके ज्यादा इस्तेमाल की वजह से जलन, इरिटेशन समेत कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसे हुआ साजिश का खुलासा
उस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के सुपरवाइजर की सूझबूझ की वजह से हैकर की इस खतरनाक साजिश का खुलासा हो पाया। सुपरवाइजर ने नोटिस किया कि कोई घुसपैठिया बाहर से माउस का प्रयोग कर बार-बार सेटिंग बदल रहा है। इसके बाद सारी सेटिंग्स को फिर से ठीक कर दिया गया और इस साजिश पर पानी फेर दिया। पुलिस का कहना है कि हैकर ने सोडियम हाइड्रोक्साइड को खतरनाक स्तर पर कर दिया था। अधिकारियों ने अन्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को भी अपने सिस्टम की जांच करने को कहा है।