LPG सिलेंडर की किल्लत के बीच इंडक्शन चूल्हा एक अच्छा विकल्प बन रहा है। जानें Induction Stove Electricity Consumption, 800W से 2000W तक कौन सा मॉडल कम बिजली खाता है और खरीदते समय किन फीचर्स का रखें ध्यान।
Induction Stove Electricity Consumption: वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। इसी बीच सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। ऐसे में कई लोग किचन में विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि इंडक्शन खरीदते समय यह जानना जरूरी है कि कौन सा मॉडल कम बिजली खर्च करता है और किसे लेना ज्यादा किफायती रहेगा।
इंडक्शन चूल्हे की बिजली खपत मुख्य रूप से उसके वॉटेज पर निर्भर करती है। बाजार में आमतौर पर 800 वॉट से लेकर 2000 वॉट तक के इंडक्शन चूल्हे मिलते हैं। घरेलू उपयोग के लिए करीब 2000 वॉट (2kW) का इंडक्शन चूल्हा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसमें खाना जल्दी पकता है। वहीं कम वॉटेज वाले मॉडल बिजली की खपत कम कर सकते हैं, लेकिन उनमें खाना पकने में ज्यादा समय लग सकता है।
इंडक्शन चूल्हा खरीदते समय ऐसे मॉडल का चयन करना चाहिए जिसमें ऑटो स्लीप, ऑटो पावर कट और पावर कंट्रोल जैसे फीचर्स मौजूद हों। इन फीचर्स की मदद से जरूरत के हिसाब से वॉटेज कम या ज्यादा किया जा सकता है, जिससे बिजली की खपत को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार इंडक्शन चूल्हा हमेशा BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) मार्क वाला और भरोसेमंद ब्रांड का ही खरीदना चाहिए। सस्ते और लोकल उत्पाद कम बिजली खपत का दावा करते हैं, लेकिन उनकी तकनीक अक्सर पुरानी होती है। इससे बिजली की खपत ज्यादा हो सकती है और उपकरण जल्दी खराब होने की आशंका भी रहती है।
ऐसे में अगर गैस सिलेंडर की उपलब्धता में देरी हो या लोग वैकल्पिक कुकिंग विकल्प तलाश रहे हों, तो सही फीचर्स और वॉटेज वाला इंडक्शन चूल्हा किचन के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।