
देश में हजारों लोग SMS और OTP यानी वन टाइम पासवर्ड से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं। दरअसल, यूजर्स को SMS और OTP मिलने में समय लग रहा है। लोगों को यह परेशानी बैंक, ई-कॉमर्स, को-विन रजिस्ट्रेशन, डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन और अन्य ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल करने में हो रही है। यह सब ट्राई के एक नए नियम की वजह से हो रहा है। इससे यूजर्स को उन सिस्टम का इस्तेमाल करते वक्त परेशानी आ रही है, जिनमें लॉगिन करने के लिए डबल ऑथेंटिकेशन की जरूरत होती है। कई यूजर्स 8 मार्च से इस समस्या से जूझ रहे हैं।
SMS रेगुलेशन है वजह
रिपोर्ट के अनुसार लोगों को SMS और OTP से जुड़ी यह समस्या नए SMS रेगुलेशन की वजह से हो रही है। दरअसल, SMS के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए SMS से जुड़े नए रेगुलेशन लागू किए गए हैं। लेकिन नए SMS रेगुलेशन को लागू करने के साथ ही लोगों को कई दिक्कतें आने लगीं। वहीं अपने सिस्टम को सही बताते हुए टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि रेगुलेटर के स्टैंडर्ड मानने की वजह से SMS ट्रैफिक में दिक्कत आई है।
हाईकोर्ट ने दिए थे TRAI को आदेश
बता दें कि पिछले महीने ही दिल्ली हाईकोर्ट ने TRAI को आदेश दिया था कि वह जल्द ऐसे फर्जी SMS पर रोक लगाए, जिसकी वजह से आम लोग फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। इसके बाद ट्राई ने एक सिस्टम पर काम शुरू किया, जिसे DLT सिस्टम कहते हैं। यह DLT सिस्टम एक फिल्टर की तरह काम करता है। इसमें रजिस्टर्ड टेम्पलेट वाले हर SMS के कॉन्टेंट को वेरिफाई करने के बाद ही डिलीवर किया जाएगा।
8 मार्च को किया गया लागू
बता दें कि DLT सिस्टम के जरिए SMS के कॉन्टेंट को वेरिफाई करने की प्रक्रिया को स्क्रबिंग कहते हैं। पहले भी कई बार इस सिस्टम को लागू करने की कोशिश की गई थी। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसे 8 मार्च से लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद ही यूजर्स को OTP के SMS आने में दिक्कत होने लगी।
सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
ट्राई के मुताबिक, देश के सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को डीएलटी प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह नया नियम ओटीपी फ्रॉड और स्पैम मैसेज आदि को रोकने के लिए लागू किया गया है, लेकिन इसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी SMS को रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनिया ब्लॉकचेन बेस्ड सॉल्यूशंस का इस्तेमाल करती हैं। इसमें रजिस्टर्ड सोर्स से आने वाले हर कमर्शियल SMS का हेडर और कॉन्टेंट चेक किया जाता है। अभी अनरजिस्टर्ड मेसेज को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।