Putin India Visit, Putin Smartphone Secret: इंटरनेट पर आधी चीजें गंदी हैं... पुतिन ने मोबाइल से दूरी बनाने की वजह बताई। जानें लाल फोल्डर्स और लैंडलाइन से कैसे चलता है रूसी राष्ट्रपति का काम।
Putin India Visit 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय यात्रा पर भारत में हैं। दिल्ली में उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। इस आर्टिकल में हम इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच पुतिन की निजी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा सच बताएंगे जो डिजिटल दौर में जीने वाले किसी भी इंसान को चौंका देगा।
क्या आपने कभी गौर किया है कि दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक पुतिन के हाथ में कभी मोबाइल फोन क्यों नहीं दिखता? इसकी वजह कोई तकनीकी कमी नहीं, बल्कि उनकी एक खास सोच है। पुतिन का मानना है कि, 'इंटरनेट पर आधी चीजें गंदी हैं और यह जासूसी का घर है।'
दरअसल वाकया साल 2018 का है जब उन्होंने भरी महफिल में खुद कहा था कि, 'मेरे पास स्मार्टफोन नहीं है।' पुतिन साइबेरिया में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की एक बैठक ले रहे थे। तभी कुरचतोव इंस्टीट्यूट के प्रमुख मिखाइल कोवालचुक ने अपनी बात रखते हुए कहा, ''आजकल हर किसी की जेब में स्मार्टफोन होता है…''
इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें तुरंत बीच में टोक दिया और मुस्कुराते हुए कहा, ''आपने कहा कि सबके पास स्मार्टफोन है, लेकिन मेरे पास नहीं है।" पुतिन का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद वैज्ञानिक भी हैरान रह गए थे।
पुतिन बोले, इंटरनेट 'CIA का प्रोजेक्ट' है व्लादिमीर पुतिन पूर्व में खुफिया एजेंसी KGB के जासूस रह चुके हैं इसलिए वो टेक्नोलॉजी को शक की निगाह से देखते हैं।
गंदा इंटरनेट: फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने एक बार कहा था कि इंटरनेट पर "आधा कंटेंट अश्लील (Pornography/गंदा)" होता है। इसलिए वो इससे दूर रहना पसंद करते हैं।
जासूसी का डर: पुतिन कई मौकों पर इंटरनेट को CIA का स्पेशल प्रोजेक्ट बता चुके हैं। उनका मानना है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करना खुद को पश्चिमी देशों की जासूसी के लिए परोसने जैसा है।
आमतौर पर माना जाता है कि आज के दौर में बिना गैजेट्स के काम करना मुश्किल है, लेकिन पुतिन आज भी महत्वपूर्ण फैसलों के लिए कागज और कलम पर ही भरोसा करते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव के मुताबिक, पुतिन स्मार्टफोन रखने को स्वेच्छा से खुद की नुमाइश (Voluntary Exhibitionism) करना मानते हैं। पुतिन तक सारी खुफिया जानकारी लाल रंग के फोल्डर्स में कागज पर प्रिंट होकर आती है। बात करने के लिए वो पुराने जमाने के सुरक्षित येलो लैंडलाइन फोन्स का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें हैक करना नामुमकिन है।