
क्या आप विश्वास करेंगे कि आपके सोचने भर से ही फोन अनलाॅक किया जा सकेगा। यह एकदम किसी साइंस फंतासी की तरह लगता है लेकिन यह अब सच में संभव हो सकेगा।
फिंगरप्रिंट स्कैनर और चेहरे की पहचान वाली बायोमेट्रिक तकनीक के बाद अब वैज्ञानिक आपकी खोपड़ी में चलने वाली एक अज्ञात आवाज को ही पासवर्ड के तौर पर इस्तेमाल करने वाले हैं।
ये आवाज एक एेसे स्पेक्ट्रम पर होती है जो इंसान को सुनाई नहीं देता, लेकिन डिवाइस का माइक्रोफोन इसको डिटेक्ट कर सकता है।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सेटअप बनाया है, जो मूल रूप से एक मोडिफाई गूगल ग्लास हेडसेट है जिसका इस्तेमाल ध्वनि उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
यह ध्वनि हड्डी के आयोजन स्पीकर के माध्यम से उत्पन्न होती है, यह एक ऑडियो हस्ताक्षर के रूप में जनरेट होकर मानव खोपड़ी के माध्यम से गुजरती है।
हर किसी का सिर एक दम अलग होता है, इसलिए परिणाम के रूप में फाइनल आवाज ध्वनि का उत्पादन होता है।
स्टुटगार्ट विश्वविद्यालय, सारलैंड विश्वविद्यालय और इंफॉरमैटिक मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा की गई जांच में परीक्षण उपकरण 97% यूजर्स की पहचान सही ढंग से करने में सक्षम रहा।
इस तरह भविष्य में डिजिटल सुरक्षा के लिए यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।