टेक्नोलॉजी

IIT कानपुर की मदद से भारत ने बनाया स्वदेशी रोबो-डॉग SCORP, विदेशी सिस्टम्स को देगा मात

SCORP Robo-dog India: IIT कानपुर और xTerra रोबोटिक्स ने मिलकर बनाया भारत का पहला स्वदेशी स्मार्ट रोबो-डॉग। यह रोबोट खतरनाक जगहों पर इंसानों की जगह काम करने के लिए तैयार है।

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Jan 14, 2026
SCORP Robo-dog India (Image: xTerra)

SCORP Robo-dog India: रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अक्सर हम अमेरिका की कंपनियों या चीन के वीडियो देखकर हैरान होते थे। लेकिन अब हैरान होने की बारी दुनिया की है, क्योंकि भारत ने अपना खुद का 'सुपर रोबो-डॉग' तैयार कर लिया है। इस स्वदेशी रोबोट का नाम है SCORP, और इसे बनाने में भारतीय स्टार्टअप xTerra रोबोटिक्स और IIT कानपुर ने दिन-रात एक कर दिए हैं।

यह सिर्फ एक खिलौना या निगरानी करने वाला कैमरा नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्मार्ट वर्कहॉर्स है जो उन जगहों पर जाकर काम करेगा जहां इंसानों के लिए कदम रखना भी जानलेवा हो सकता है।

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क्या है SCORP और यह क्यों अलग है?

तकनीकी भाषा में इसे लेग्ड मोबाइल मैनीपुलेटर (Legged Mobile Manipulator) कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो यह चार पैरों वाला एक ऐसा रोबोट है जिसके ऊपर एक रोबोटिक हाथ लगा है।

बाजार में मौजूद ज्यादातर रोबो-डॉग सिर्फ चल सकते हैं या फोटो खींच सकते हैं, लेकिन SCORP अपने हाथ की मदद से चीजें पकड़ सकता है, मशीनों के वाल्व घुमा सकता है और भारी सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है। इसकी यही खूबी इसे दुनिया के बाकी रोबोट्स से अलग और ज्यादा काम का बनाती है।

पहाड़ हो या सीढ़ियां, कभी नहीं खोता संतुलन

रोबोट्स के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह आती है कि वे समतल जमीन पर तो ठीक चलते हैं, लेकिन ऊबड़-खाबड़ रास्तों या सीढ़ियों पर लड़खड़ा जाते हैं। SCORP के मामले में ऐसा नहीं है। इसमें एक खास तरह का इंटेलिजेंट गेट एल्गोरिदम (Intelligent Gait Algorithm) इस्तेमाल किया गया है।

यह एल्गोरिदम रोबोट के दिमाग की तरह काम करता है, जो उसे पथरीले रास्तों, ढलान और संकरी सुरंगों में भी गिरने नहीं देता। IIT कानपुर की इंजीनियरिंग ने इसे इतना सटीक बनाया है कि यह मुश्किल से मुश्किल हालात में भी अपना संतुलन बनाए रखता है।

इंसानों का कवच बनेगा यह रोबो-डॉग

SCORP को बनाने का मुख्य मकसद इंसानी जान बचाना है। बड़े कारखानों (Plants), तेल की रिफाइनरियों या गहरी सुरंगों में अक्सर ऐसी स्थितियां बन जाती हैं जहां जहरीली गैस का रिसाव हो या आग लगने का डर हो। ऐसी जगहों पर इंसान को भेजने के बजाय SCORP को भेजा जा सकता है।

इसमें लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और सेंसर्स अंधेरे में भी देख सकते हैं और पाइपलाइनों में होने वाले बारीक से बारीक नुकसान का पता लगा सकते हैं। इसकी मदद से सेना के ऑपरेशन्स, फायर सेफ्टी और स्मार्ट सिटी में कचरा प्रबंधन जैसे कामों को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा।

IIT कानपुर और xTerra: स्वदेशी तकनीक का दम

xTerra रोबोटिक्स इससे पहले SVAN M2 नाम का रोबोट लॉन्च कर चुकी है, जिसे भारत का पहला कमर्शियल चौपाया रोबोट माना जाता है। लेकिन SCORP के साथ कंपनी ने अपनी ताकत दोगुनी कर ली है। यह पूरी तरह मेक इन इंडिया की मिसाल है।

IIT कानपुर का साथ मिलना यह साबित करता है कि भारत की अकादमिक रिसर्च और स्टार्टअप्स का जुनून मिलकर दुनिया के बड़े देशों (जैसे चीन और अमेरिका) के सिस्टम्स को कड़ी चुनौती दे सकते हैं।

आज तक भारत को ऐसे रोबोट्स के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिनकी कीमत करोड़ों में होती थी और रख-रखाव भी मुश्किल था। SCORP के आने से न सिर्फ लागत कम होगी, बल्कि हमारे पास अपनी खुद की सुरक्षित तकनीक होगी जिसे हम अपनी जरूरतों के हिसाब से ढाल सकेंगे।

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Published on:
14 Jan 2026 12:11 pm
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