Fruits Avoid In Summer: गर्मियों का मतलब है रसीले फल, लेकिन हर फल ठंडक नहीं देता। आयुर्वेद और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आम और लीची जैसे कुछ फल शरीर की गर्मी बढ़ाकर आपको बीमार कर सकते हैं। इन फलों की तासीर गर्म होती है जो लू और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ा देती है। जानिए किन फलों से दूरी बनाना बेहतर है।
Fruits Avoid In Summer: जैसे ही पारा 40 डिग्री के पार जाता है, हमारा मन ठंडी चीजें और फल खाने का करता है। हम सोचते हैं कि फल हैं तो फायदा ही करेंगे, लेकिन यहीं हम गलती कर बैठते हैं। कुछ फल ऐसे होते हैं जिनकी तासीर गर्म होती है। इन्हें ज्यादा खाने से पेट खराब, चेहरे पर दाने और शरीर में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि इस चुभती गर्मी में आपको किन फलों पर कंट्रोल रखना चाहिए।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन (Journal of Clinical Nutrition) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिक शुगर और हाई कैलोरी वाले फल मेटाबॉलिज्म को तेज कर देते हैं, जिससे शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ सकता है। डॉ. के. विश्वनाथन (Internal Medicine Expert) के अनुसार, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेशन की जरूरत होती है, लेकिन गर्म तासीर वाले फल शरीर में पित्त बढ़ा सकते हैं, जिससे डाइजेशन बिगड़ जाता है।
आम के बिना गर्मी अधूरी है, लेकिन इसे 'गर्म' फल माना जाता है। ज्यादा आम खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है जिससे मुंहासे निकल आते हैं। अगर खाना ही है, तो इसे पहले पानी में भिगोकर रखें।
लीची बहुत जल्दी शरीर का तापमान बढ़ाती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि खाली पेट या बहुत ज्यादा लीची खाने से शुगर लेवल बिगड़ सकता है और पेट में ऐंठन हो सकती है।
पका हुआ कटहल बहुत मीठा और भारी होता है। गर्मी के मौसम में हमारा डाइजेशन पहले ही सुस्त होता है, ऐसे में कटहल खाने से पेट फूलने और गर्मी की शिकायत हो सकती है।
चीकू में शुगर बहुत ज्यादा होती है। यह तुरंत एनर्जी तो देता है, लेकिन गर्मियों में यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है, जो घमौरियों या बेचैनी का कारण बन सकता है।
अंगूर वैसे तो रसीले होते हैं, लेकिन गर्मी में ये जल्दी पेट में जाकर गैस और एसिडिटी पैदा करते हैं। खासकर काले अंगूरों की तासीर गर्म होती है, इसलिए इन्हें संभलकर खाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।