
How To Cleanse Your Lungs: फेफड़े हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक हैं। ये हमें सांस लेने में मदद करते हैं। लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण, धूम्रपान और घर के अंदर मौजूद धूल व हानिकारक रसायन फेफड़ों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए जा सकते हैं।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, घर के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे घर के उन कमरों में रखना उपयोगी हो सकता है, जहां आप ज्यादा समय बिताते हैं, जैसे बेडरूम या लिविंग रूम। एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कुछ कणों को कम करने में मदद कर सकता है।
हेल्थलाइन (Healthline) के मुताबिक, घर में लगे एयर कंडीशनर और वेंटिलेशन सिस्टम के फिल्टर की नियमित सफाई करना और जरूरत के अनुसार उन्हें बदलना जरूरी है। फिल्टर में धूल और गंदगी जमा होने से हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। फिल्टर की सफाई और उसे बदलने के लिए निर्माता की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकन लंग एसोसिएशन (American Lung Association) के अनुसार, संतुलित और पौष्टिक खानपान फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखने में मदद कर सकता है। अपने खाने में हरी सब्जियां, बेरीज, दालें और विटामिन व अन्य पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें। वहीं, हेल्थलाइन (Healthline) के मुताबिक, विटामिन डी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ भी फेफड़ों की सेहत के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, एयर फ्रेशनर, खुशबूदार मोमबत्तियों और कुछ घरेलू सफाई उत्पादों में ऐसे रसायन हो सकते हैं, जो सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकते हैं। इसलिए घर में इनका इस्तेमाल सीमित रखें। सफाई करते समय कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था बनाए रखें और तेज गंध वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचें।
हेल्थलाइन (Healthline) के मुताबिक, बाहर टहलना और शारीरिक गतिविधियां करना फेफड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, बाहर निकलने से पहले अपने यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI जरूर जांच लें। अगर प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, तो बाहर व्यायाम करने से बचें। इसके साथ ही कचरा जलाने, लकड़ी के धुएं और अन्य तरह के धुएं के संपर्क में आने से भी दूरी बनाए रखें।
अमेरिकन लंग एसोसिएशन (American Lung Association) और हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि फेफड़ों की सेहत और शरीर की सहनशक्ति बनाए रखने में मदद कर सकती है। इसके लिए अपनी क्षमता के अनुसार टहलना, साइकिल चलाना, तैरना या डांस जैसी गतिविधियां कर सकते हैं। अगर आपको अस्थमा, सीओपीडी या फेफड़ों से जुड़ी कोई दूसरी बीमारी है, तो व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, चेस्ट पर्कशन और पोस्टुरल ड्रेनेज जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कुछ मरीजों में फेफड़ों से बलगम बाहर निकालने में मदद के लिए किया जाता है। इसलिए इन्हें खुद से करने के बजाय डॉक्टर या श्वसन विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।