
Kamakhya Temple Guwahati: असम राज्य के गुवाहाटी में इन दिनों विश्व प्रसिद्ध अंबुबाची मेला चल रहा है। यह मेला 26 जून 2026 तक चलेगा। यह चार दिवसीय वार्षिक मेला नीलाचल पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में आयोजित किया जाता है। इस दौरान देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म (रजस्वला) का उत्सव मनाया जाता है और मंदिर के कपाट तीन दिनों तक पूरी तरह बंद रहते हैं। ऐसे में अगर आप यह मेला देखने जा रहे हैं, तो इसके अलावा यहां आसपास भी घूम सकते हैं। आइए, आज की स्टोरी में ऐसी 3 स्पेशल जगहों के बारे में जानते हैं।
अंबुबाची मेला देखने के बाद, अगर आप शिव भक्त हैं तो आप गुवाहाटी शहर में ब्रह्मपुत्र नदी के बीच स्थित मयूर (पीकॉक) द्वीप पर बसे प्रसिद्ध शिव मंदिर के दर्शन करने के लिए उमानंद मंदिर जा सकते हैं। यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के बाद आप नौका यात्रा (Boat Ride) का भी लुत्फ उठा सकते हैं।
असम के गुवाहाटी शहर से 30 किलोमीटर दूर स्थित पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य, मोरीगांव जिले के प्रसिद्ध मयोंग गांव के निकट है। 38.81 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभयारण्य एक सींग वाले गैंडों के लिए लोकप्रिय है। ऐसे में अगर आप एक एनिमल लवर हैं, तो आप यहां जाने का प्लान बना सकते हैं।
गुवाहाटी से लगभग 23-24 किमी दूर कामरूप जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित हाजो एक ऐतिहासिक और प्राचीन शहर है। यह स्थान हिंदू, बौद्ध और इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है। इसके अलावा, यहां का हयग्रीव माधव मंदिर प्रसिद्ध है।
अम्बुबाची महायोग 2026 के अवसर पर, मां कामाख्या देवालय में 'अम्बुबाची प्रबृत्ति' 22 जून 2026 को रात 9:08:42 बजे शुरू हो चुका है। इस दौरान, भक्तों के लिए मंदिर के कपाट 23 जून से 25 जून 2026 तक बंद रहेंगे। जिसके बाद 'अम्बुबाची निबृत्ति' 26 जून 2026 की सुबह होगी, जिसके बाद अनुष्ठानिक स्नान और दैनिक पूजा संपन्न होने पर मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 51 शक्तिपीठों में शामिल कामाख्या मंदिर भारत का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां मां दुर्गा की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि यहां देवी के महामुद्रा की पूजा होती है।