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Ants Trafficking : 20 हजार रुपए की एक चीटीं, इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड, जानिए क्या होता है इनका

Ants Trafficking News In Hindi : यह सुनकर भरोसा भले ना हो। पर दुनिया में चींटियों की तस्करी हो रही है। चींटियों की तस्करी से करोड़ों का बिजनेस चल रही है। चीन और यूरोप में इन चींटियों की डिमांड है।
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Mar 31, 2026
Ants Trafficking, Man arrested with 2000 African Queen ants,
चींटियों की तस्करी की तस्वीरें | Photo - SCMP.Com

Ants Trafficking : चींटियों की तस्करी के बारे में आपने पहले सुना था क्या? दरअसल, ये मामला सबको अजीब लगा जब एक चीन का शख्स मार्च में केन्या के एयरपोर्ट पर 2200 जिंदा चींटियों से भरे बैग के साथ पकड़ाया। यह अंतरराष्ट्रीय तस्करी का एक बेहद अजीबोगरीब मामला है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर इन चींटियों का क्या किया जाता है? लोग क्यों इन चींटियों पर हजारों रुपए खर्च कर रहे हैं। क्योंकि, चीन के बाजार में इनकी खूब डिमांड है।

इन देशों में चींटियों की डिमांड

साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और यूरोप के लोग अब पूर्वी अफ्रीकी चींटियों (East African Ants) के दीवाने हो रहे हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है। इन चींटियों की चीन में अधिक मांग है। तस्कर अब हाथी दांत या सोने के बजाय पूर्वी अफ्रीका की चींटियों को निशाना बना रहे हैं। इन चींटियों को अवैध रूप से केन्या, तंजानिया और इथियोपिया जैसे देशों से चीन और यूरोप के बाजारों में भेजा जा रहा है।

1 चीटी की कीमत 20 हजार रुपए से अधिक

BBC की रिपोर्ट के मुताबकि, सबसे अधिक मांग 'बड़ी अफ्रीकन हार्वेस्टर' रानी चींटी की है। एक रानी चींटी की कीमत 220 डॉलर यानी करीब 21 हजार रुपए आंकी गई है।

चींटियों को पालने का शौक

लोगों के शौक के भी क्या कहने! लोग इन चींटियों को पालने के लिए खरीद रहे हैं। ये अनोखा शौक चीन और यूरोप में तेजी से बढ़ रहा है। 'चींटियों को पालने' (Ant Keeping) का शौक इसलिए है क्योंकि बड़ी अफ्रीकी चींटियां अलग तरीके से अपना घर बनाती है। इसे देखने के लिए लोग अपने घरों में सजावटी कांच के बक्से में रखना पसंद कर रहे हैं, जैसे कि मछलियों को घर (एक्वेरियम) में रखा जाता है।

ऐसे होती है चींटियों की तस्करी

तस्कर इन चींटियों को प्लास्टिक की छोटी ट्यूबों या टेस्ट ट्यूब में भरकर डाक (Courier) के जरिए भेजते हैं। वे अक्सर पार्सल पर 'खिलौने' या 'सजावटी सामान' लिख देते हैं ताकि कस्टम अधिकारियों की नजरों से बच सकें। लोग इसे अपने बैग में भी लेकर जाते हैं क्योंकि, सुरक्षा मशीनें भी इन्हें पहचान नहीं पाती।

विशेषज्ञों की चेतावनी

यह व्यापार न केवल अवैध है, बल्कि जैविक सुरक्षा (Biosecurity) के लिए भी गलत है। इससे चींटियों की ये प्रजाति विलुप्त हो सकती है। इसके अलावा किसी अन्य देश में इनकी संख्या अधिक हो सकती है। इससे कई तरह के जैविक खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।

Updated on:
31 Mar 2026 01:28 pm
Published on:
31 Mar 2026 01:28 pm