Budget 2026 में आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम बदलाव किए गए हैं। फैशन, हेल्थ, टेक्नोलॉजी और खेल से जुड़े कई सामान सस्ते हुए हैं, वहीं कुछ सेक्टर्स में महंगाई बढ़ने के संकेत भी मिले हैं। आइए जानते हैं बजट के बाद आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
Budget 2026: बजट में इस बार सिर्फ बड़े आर्थिक ऐलान ही नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीज़ों पर भी फोकस देखने को मिला है। हर साल की तरह इस बार भी बजट के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा। खासकर कपड़े, जूते और फैशन से जुड़े सामान, जो सीधे हमारी जेब और लाइफस्टाइल से जुड़े होते हैं, उनकी कीमतों में बदलाव लोगों के लिए अहम है।बजट 2026 के ऐलानों का असर अब बाजार में दिखने लगा है, जहां कुछ चीजों पर राहत मिलने की उम्मीद है तो कुछ पर खर्च बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आप शॉपिंग प्लान कर रहे हैं या रोजमर्रा के खर्च को लेकर सोच रहे हैं, तो जानना जरूरी है कि इस बजट का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
बजट 2026 के बाद कपड़ों की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। इससे खासतौर पर मिडिल क्लास परिवारों को फायदा होगा। रोजमर्रा पहनने वाले कपड़ों के साथ-साथ फैशन से जुड़े कई प्रोडक्ट्स अब पहले के मुकाबले सस्ते होंगे।
चमड़े से बने जूते, बैग और अन्य लेदर प्रोडक्ट्स अब ज्यादा किफायती हो सकते हैं। सरकार के इस कदम से घरेलू लेदर इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और छोटे कारोबारियों को भी फायदा पहुंचेगा। उपभोक्ताओं के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि क्वालिटी फुटवियर अब कम कीमत में मिल सकेगा।
युवाओं और बच्चों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए बजट में स्पोर्ट्स इक्विपमेंट को सस्ता किया गया है। इससे स्कूलों, खेल अकादमियों और फिटनेस लवर्स को सीधा फायदा मिलेगा। सस्ते दामों पर खेल का सामान मिलने से घरेलू खेल उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट 2026 ने बड़ी राहत की उम्मीद जगाई है। कैंसर से जुड़ी 17 अहम दवाओं और गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली करीब 7 अन्य जरूरी दवाओं की कीमतें कम होने की संभावना जताई जा रही है। इससे महंगे इलाज का बोझ झेल रहे मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और जरूरी दवाएं अधिक सुलभ हो सकेंगी।
बजट 2026 में तंबाकू उत्पादों को लेकर फर्क साफ नजर आता है। बीड़ी की कीमतों में गिरावट की संभावना जताई गई है, जबकि सिगरेट पर न तो टैक्स में कोई कटौती की गई है और न ही कीमतों में राहत दी गई है। यह फैसला सरकार की स्वास्थ्य नीतियों और मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
बजट 2026 के बाद माइक्रोवेव ओवन जैसे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरणों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। साफ और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के सरकार के फोकस से ज्यादा लोग सोलर प्रोडक्ट्स अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
शराब पर टैक्स में राहत न मिलने से इसकी कीमतों में इजाफा होगा, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग करने वालों के लिए बजट के बाद लागत बढ़ सकती है। टैक्स या शुल्क बढ़ने से निवेशकों को ज्यादा खर्च करना पड़गा।