
Dietitian Advice For Summer Diet: सोशल मीडिया पर अक्सर हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी जानकारियां वायरल होती रहती हैं। इसी कड़ी में, हाल ही में एक वीडियो कंटेंट क्रिएटर ने दावा किया है कि मई-जून की भीषण गर्मी में छोले, राजमा और सोयाबीन का सेवन नहीं करना चाहिए। आइए, क्लीनिकल डायटीशियन डॉ. अर्पणा इंदौरिया से जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है और इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण क्या हैं।
डॉ. इंदौरिया के अनुसार, छोले, राजमा और सोयाबीन में भरपूर मात्रा में हैवी फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होता है। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, लेकिन इनमें मौजूद स्टार्च को पचाने के लिए पाचन तंत्र को काफी मेहनत करनी पड़ती है। गर्मियों के मौसम में अक्सर पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए इन्हें पचाना चुनौतीपूर्ण होता है और शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी कारण इन दिनों में इनके सेवन से मना किया जाता है।
यदि इन चीजों का सेवन सही तरीके से न किया जाए, तो कई समस्याएं हो सकती हैं:
अगर आप गर्मियों में भी इनका सेवन करना चाहते हैं, तो डॉ. अर्पणा ने कुछ विशेष टिप्स दिए हैं जिनसे आपको परेशानी नहीं होगी:
सोशल मीडिया वीडियो में इसके ग्वार फली और पालक के सेवन को लेकर भी मना किया जा रहा है, लेकिन डॉ. अर्पणा इंदौरिया के अनुसार, इन दोनों का सेवन किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि ग्वार फली में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जबकि पालक में पानी और आवश्यक विटामिन होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि, इसके बावजूद कुछ लोग पालक को सर्दियों की सब्जी मानकर गर्मी में इसके सेवन से परहेज करते हैं, लेकिन इन दोनों का सेवन नुकसानदेह नहीं होता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि यदि उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या है या किसी चीज के सेवन से मनाही है, तो उसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।