Coffee For Thyroid: अगर आप थायरॉइड के मरीज हैं और सुबह की शुरुआत कॉफी के बिना अधूरी लगती है, तो यह सवाल आपके मन में जरूर आता होगा क्या कॉफी थायरॉइड के लिए नुकसानदायक है?
Coffee For Thyroid: कई लोग सुबह की शुरुआत कॉफी के बिना अधूरी मानते हैं। यह एनर्जी देने वाली ड्रिंक भले ही थकान दूर कर दे, लेकिन थायरॉइड मरीजों के लिए इसका असर हमेशा सीधा और सरल नहीं होता।सच यह है कि कॉफी पूरी तरह से बुरी नहीं है, लेकिन इसे पीने का समय और मात्रा बहुत मायने रखती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं।National Institute of Medicine से जुड़ी जानकारियों के अनुसार जानिए कितना मात्रा लेना सुरक्षित होता है।
थायरॉइड की दवा जैसे लेवोथायरॉक्सिन अगर कॉफी के साथ या तुरंत बाद ली जाए, तो दवा शरीर में ठीक से असर नहीं कर पाती।क्या करें?दवा लेने के बाद कम से कम 60–90 मिनट बाद ही कॉफी पिएं। यह छोटा सा बदलाव दवा का असर बेहतर कर सकता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि डिकैफ (Decaf) कॉफी सुरक्षित है, लेकिन ऐसा नहीं है। कॉफी में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व दवा के अवशोषण को प्रभावित करते हैं, चाहे उसमें कैफीन हो या नहीं।
हाइपरथायरॉइड से पीड़ित लोगों के लिए कॉफी कुछ मामलों में परेशानी बढ़ा सकती है। कैफीन की वजह से बेचैनी, घबराहट, ज्यादा पसीना आना और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि यदि ये लक्षण दिखें तो कॉफी का सेवन सीमित करें या फिर बहुत हल्की मात्रा में ही लें।
थायरॉइड के कई मरीजों को गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं रहती हैं। कॉफी की तेज़ तासीर, खासकर खाली पेट लेने पर, इन दिक्कतों को और बढ़ा सकती है। बेहतर यही है कि कॉफी हमेशा कुछ खाने के बाद ली जाए या फिर लो-एसिड कॉफी का विकल्प चुना जाए।
अच्छी खबर यह है कि आपको कॉफी हमेशा के लिए छोड़ने की जरूरत नहीं है। सही समय और संतुलन के साथ आप इसका आनंद ले सकते हैं।