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Thyroid Cancer: एक नहीं, 5 तरह का होता है थायरॉइड कैंसर! जानिए कौन सा है जानलेवा और कौन सा बेअसर

Thyroid Cancer: थायरॉइड कैंसर डराने वाला नहीं है। इसके 5 प्रकार, लक्षण, इलाज और रिकवरी के बारे में आसान भाषा में पूरी जानकारी पढ़ें।

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भारत

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Dimple Yadav

Jan 23, 2026

Thyroid Cancer

Thyroid Cancer (photo- gemini ai)

Thyroid Cancer: थायरॉइड कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन डॉक्टरों की नजर में यह उन कैंसरों में से एक है जिनका इलाज सही समय पर होने पर बहुत अच्छे नतीजे मिलते हैं। थायरॉइड एक छोटी-सी तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो गर्दन के नीचे होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी, दिल की धड़कन और शरीर के तापमान को कंट्रोल करती है। जब इसमें असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं, तो अलग-अलग तरह के थायरॉइड कैंसर बन सकते हैं।

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. वैभव सिंघल बताते हैं कि थायरॉइड कैंसर एक ही तरह की बीमारी नहीं है। इसका इलाज और असर इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का है।

पैपिलरी थायरॉइड कैंसर

पैपिलरी थायरॉइड कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाता है। लगभग 80% मरीज इसी प्रकार के होते हैं। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और अक्सर कम उम्र के लोगों में देखा जाता है। डॉ. सिंघल के मुताबिक, अगर यह जल्दी पकड़ में आ जाए तो सर्जरी और रेडियोएक्टिव आयोडीन से इसका इलाज बहुत सफल रहता है। ज्यादातर मामलों में मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

फॉलिक्यूलर थायरॉइड कैंसर

यह दूसरा सबसे आम प्रकार है और करीब 10-15% मामलों में पाया जाता है। यह कभी-कभी खून के ज़रिए फेफड़ों या हड्डियों तक फैल सकता है, लेकिन सही समय पर इलाज होने पर इसके नतीजे अच्छे रहते हैं। आमतौर पर सर्जरी के बाद रेडियोएक्टिव आयोडीन दिया जाता है।

हर्थल सेल कैंसर

हर्थल सेल कैंसर दुर्लभ होता है और थोड़ा आक्रामक भी हो सकता है। इसमें रेडियोएक्टिव आयोडीन हमेशा असरदार नहीं होता, इसलिए सर्जरी और लंबे समय तक निगरानी जरूरी होती है। कई बार सालों बाद भी यह दोबारा उभर सकता है।

मेडुलरी थायरॉइड कैंसर

यह कैंसर खास कोशिकाओं से बनता है और कुछ मामलों में परिवारों में चलता है। इसमें रेडियोएक्टिव आयोडीन काम नहीं करता, इसलिए सर्जरी ही मुख्य इलाज है। ऐसे मरीजों के लिए जेनेटिक टेस्ट बहुत जरूरी होता है।

एनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर

यह सबसे कम पाया जाता है, लेकिन सबसे तेजी से बढ़ने वाला और खतरनाक होता है। गर्दन में अचानक सूजन, सांस लेने में दिक्कत या आवाज बैठना इसके लक्षण हो सकते हैं। इसमें तुरंत और गहन इलाज की जरूरत होती है।

सही जानकारी से डर कम होता है

डॉक्टरों का कहना है कि थायरॉइड कैंसर का सही प्रकार पता होना बेहद जरूरी है, क्योंकि उसी के आधार पर इलाज तय होता है। ज्यादातर मामलों में सही इलाज और नियमित फॉलोअप से लोग सामान्य जिंदगी जी पाते हैं। जानकारी और समय पर जांच ही इस बीमारी से जीत की सबसे बड़ी कुंजी है।

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