
Thyroid Treatment (image-gemini AI)
Thyroid Treatment: थायराइड आज के समय में एक आम समस्या है; लगभग हर घर में किसी न किसी को तो यह समस्या है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि जिनको थायराइड है उनका वजन बढ़ जाता है, उनको इस बात से ही अंदाजा लगा लेना चाहिए कि उनको थायराइड हो गया है। पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि जिन लोगों को थायराइड होता है उनका वजन बढ़ ही जाए। असल में थायराइड 2 प्रकार का होता है क्योंकि एक प्रकार हाइपोथायरायडिज्म होता है जिसमें व्यक्ति का वजन बढ़ जाता है। दूसरा हाइपरथायरायडिज्म होता है जिसमें व्यक्ति का वजन घट जाता है और वह सूखकर लकड़ी जैसा हो जाता है।
अभी छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी घोषणा की है कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अन्य सामान्य दवाइयों के साथ थायराइड की दवाइयां भी फ्री में मिलेंगी। अब ग्रामीण लोगों को बिल्कुल भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आइए जानते हैं कि थायराइड के इन दोनों प्रकारों में क्या अंतर होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
थायराइड हमारे गले के नीचे के हिस्से में तितली के आकार की ग्रंथि होती है, यह ग्रंथि थायरोक्सिन नामक हार्मोन स्त्रावित करती है। जब इस हार्मोन के निर्माण का संतुलन बिगड़ जाता है तो थायराइड की समस्या 2 तरीके से उत्पन्न होती है। हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म ये दोनों इसके प्रकार माने जाते हैं।
1.नियमित TSH टेस्ट करवाना ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके
2. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना
3. संतुलित और फाइबर युक्त आहार लेना
4. अपने शरीर के संकेतों को समझें
5. तनाव को कम रखें
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
07 Jan 2026 09:25 am
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