
Heart Health Tips: दिल शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है और इसे स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल का ध्यान रखना जरूरी होता है। रोज की कुछ आदतें दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए खानपान से लेकर शारीरिक गतिविधि, नींद और तनाव तक कई छोटी छोटी बातों पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है। बढ़ती उम्र में भी दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए किन आदतों को अपनाना चाहिए, आइए जानते हैं।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, धूम्रपान और तंबाकू का इस्तेमाल दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। सिगरेट के धुएं से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान छोड़ना और धूम्रपान के धुएं से भी बचना जरूरी है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक रोजाना शारीरिक गतिविधि करने से दिल की बीमारी का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए तेज चलना, दौड़ना या दूसरी एरोबिक गतिविधियां की जा सकती हैं। इसके साथ हफ्ते में दो या उससे ज्यादा दिन मांसपेशियों की मजबूती वाली एक्सरसाइज भी की जा सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए खाने में साबुत अनाज, सब्जियां और लीन प्रोटीन जैसी चीजें शामिल करना मददगार हो सकता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार भी फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मछली और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स हार्ट को हेल्दी रखने में मददगार हो सकते है। वहीं ज्यादा नमक, मीठे पेय, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, ट्रांस फैट और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाली चीजों का सेवन कम करना चाहिए।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, ज्यादा वजन, खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। ये समस्याएं आगे चलकर दिल की बीमारी के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल की उम्र को प्रभावित करने वाले जोखिम कारकों में शामिल हैं। वहीं मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) नियमित हेल्थ चेकअप के जरिए ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराने की सलाह देता है। अगर किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी हो सकता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक ज्यादातर वयस्कों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद की जरूरत होती है। पर्याप्त नींद न लेने का संबंध मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और डायबिटीज जैसी समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक रहने वाला तनाव भी ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से जुड़े कुछ जोखिम कारकों को प्रभावित कर सकता है। तनाव कम करने के लिए एक्सरसाइज, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन जैसी चीजें मददगार हो सकती हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ज्यादा शराब पीने का संबंध हाई ब्लड प्रेशर, कार्डियोमायोपैथी और स्ट्रोक जैसी हृदय संबंधी समस्याओं से हो सकता है। इसलिए दिल की सेहत को ध्यान में रखते हुए शराब का सेवन कम करना बेहतर है। अगर शराब की आदत कम करने में परेशानी हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, सांस लेने में परेशानी, पैरों में सूजन, सीने में दर्द, बिना वजह ज्यादा थकान, अचानक एक्सरसाइज करने की क्षमता में बदलाव, दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना, चक्कर या भ्रम जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।