
Deep Sleep Tips In Hindi: रात में अच्छी और गहरी नींद लेना शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन आजकल तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण कई लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं आती। कई बार व्यक्ति बिस्तर पर जाने के बाद भी काफी देर तक जागता रहता है या रात में बार-बार नींद खुल जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं, रात में गहरी और अच्छी नींद के लिए किन आदतों को डेली रुटिन में शामिल किया जा सकता है।
नेशनल हार्ट, लंग, एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, पर्याप्त नींद लेने से दिन में व्यक्ति ज्यादा खुश और प्रोडक्टिव महसूस कर सकता है। वहीं Healthline के अनुसार, अच्छी नींद का असर मूड, सोचने-समझने की क्षमता, हृदय स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम सहित ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है।
अगर आपको रात में जल्दी नींद नहीं आती या बार-बार नींद खुलती है, तो अपनी रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करके नींद की क्वालिटी बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
अच्छी नींद के लिए कोशिश करें कि आप रोजाना लगभग एक ही समय पर सोएं और सुबह एक ही समय पर उठें। इससे शरीर की इंटरनल बॉडी क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम को नियमित रखने में मदद मिल सकती है।
Healthline के अनुसार, दिन के समय प्राकृतिक धूप या पर्याप्त ब्राइट लाइट के संपर्क में रहने से शरीर की सर्केडियन रिदम को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे रात की नींद की क्वालिटी और अवधि बेहतर हो सकती है।
Healthline के अनुसार, रात में स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन के स्तर को प्रभावित कर सकती है। मेलाटोनिन शरीर में नींद के समय को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण हार्मोन में से एक है। इसलिए सोने से पहले स्क्रीन और तेज रोशनी का इस्तेमाल कम करें।
NHLBI के अनुसार, कैफीन का असर 8 घंटे तक रह सकता है। इसलिए देर दोपहर या शाम को कॉफी या दूसरे कैफीन वाले पेय लेने से रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है।
Mayo Clinic के अनुसार, सोने से कुछ घंटे पहले भारी या बहुत ज्यादा भोजन करने से बचना चाहिए।
Mayo Clinic के अनुसार, शराब बाद में नींद को डिस्टर्ब कर सकती है। वहीं, निकोटीन और कैफीन के stimulatory effects कई घंटों तक रह सकते हैं और नींद में बाधा डाल सकते हैं।
NHLBI के अनुसार, बेडरूम को शांत, ठंडा और अंधेरा रखना अच्छी नींद के लिए मददगार हो सकता है।
सोने से पहले अगर दिमाग में दिनभर की चिंताएं चलती रहें, तो नींद आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सोने से पहले शांत गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
Healthline के अनुसार, नियमित एक्सरसाइज नींद के कई पहलुओं को बेहतर करने और अनिद्रा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। लेकिन ध्यान दें कि सोने से पहले बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है।
दिन में थोड़ी देर की झपकी कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अगर आपको रात में नींद आने में परेशानी होती है, तो लंबी या देर से ली गई झपकी समस्या बढ़ा सकती है।
Mayo Clinic के अनुसार, रात में बीच-बीच में नींद खुलने की समस्या तनाव के दौरान अधिक हो सकती है। इसके अलावा, स्लीप एपनिया, रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम, लंबे समय तक रहने वाला दर्द और कुछ मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी नींद में परेशानी का कारण बन सकती हैं।
कभी-कभार एक रात नींद खराब होना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर रोजाना सोने में परेशानी हो रही है, रात में बार-बार नींद खुलती है या नींद खुलने के बाद दोबारा सोना मुश्किल होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है।