हाई ब्लड शुगर त्वचा को ड्राई बना देती है, पसीने और ऑयल ग्लैंड्स के काम में गड़बड़ी पैदा करती है और शरीर की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है।
Diabetic Skin Issues: जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल लंबे समय तक हाई रहता है, तो इसका सीधा असर त्वचा की सेहत पर पड़ता है। हाई ब्लड शुगर त्वचा को ड्राई बना देती है, पसीने और ऑयल ग्लैंड्स के काम में गड़बड़ी पैदा करती है और शरीर की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है। इसी वजह से पिंपल्स, फंगल-बैक्टीरियल इंफेक्शन और लगातार खुजली जैसी स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ने लगती हैं, जो अक्सर हाई ब्लड शुगर का शुरुआती संकेत भी हो सकती हैं।
American Academy of Dermatology के अनुसार, जब लंबे समय तक ब्लड में शुगर लेवल बढ़ा रहता है, तो इसका असर नसों और ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ता है, जिससे त्वचा तक जरूरी पोषण और ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती। इसका नतीजा यह होता है कि त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है, घाव देर से भरते हैं, बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन जल्दी पकड़ लेते हैं और खुजली, जलन व रेडनेस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई मामलों में ये स्किन से जुड़े लक्षण डायबिटीज का पहला चेतावनी संकेत भी हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
फोड़े-फुंसी, आंखों की पलकों पर सूजन, नाखूनों के आसपास दर्द और लालिमा। ये इंफेक्शन त्वचा को गर्म और सूजा हुआ बना देते हैं।
दाद या यीस्ट इंफेक्शन, खासकर त्वचा की सिलवटों में। इनमें खुजली, फफोले और सफेद या लाल चकत्ते दिखाई देते हैं।
खासकर पैरों के निचले हिस्से में। इसका कारण ड्राय स्किन, खराब ब्लड सर्कुलेशन या छिपा हुआ इंफेक्शन हो सकता है।
त्वचा पर छोटे-छोटे पीले दाने, जिनके चारों ओर लाल घेरा होता है। यह अनियंत्रित शुगर और हाई ट्राइग्लिसराइड्स का संकेत हो सकता है।
इंफेक्शन की स्थिति में डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं और एंटीबायोटिक्स जरूरी होती हैं। लेकिन साथ ही रोजमर्रा की स्किन केयर और लाइफस्टाइल भी उतनी ही अहम है।