Vitamin D with Milk or Water: विटामिन D की गोली लेने का सही तरीका क्या है? डॉ. हिमांशु गुप्ता के अनुसार, इसे दूध के साथ लेना सबसे फायदेमंद है। जानें कब, कैसे और कितने दिनों तक खानी चाहिए Vitamin D की टैबलेट ताकि शरीर को पूरा फायदा मिल सके।
Vitamin D with Milk or Water: आजकल ज्यादातर लोगों में विटामिन D की कमी (Vitamin D Deficiency) देखी जा रही है। यह शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है, क्योंकि यह हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। धूप इसका सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव और घर के अंदर ज्यादा समय बिताने के कारण कई लोगों को यह प्राकृतिक रूप से नहीं मिल पाता। ऐसे में डॉक्टर अक्सर विटामिन D की गोली या सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।
डॉ. हिमांशु गुप्ता (जनरल फिजिशियन) के अनुसार विटामिन D को आप दूध या पानी किसी के साथ भी खा सकते हैं, लेकिन दूध के साथ लेना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। अगर आप गोली पानी के साथ लेते हैं और उसके बाद दूध पी लेते हैं, तो भी यह प्रभावी रहता है। दरअसल, विटामिन D एक फैट-सॉल्यूबल विटामिन है, यानी यह शरीर में तब बेहतर तरीके से अवशोषित (Absorb) होता है जब इसे किसी वसायुक्त भोजन या पेय के साथ लिया जाए। दूध में प्राकृतिक रूप से फैट मौजूद होता है, इसलिए यह विटामिन D के असर को बढ़ाता है।
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि विटामिन D की गोली को भोजन के बाद लेना चाहिए। खाली पेट लेने पर यह शरीर में ठीक से अवशोषित नहीं हो पाती। सबसे अच्छा समय सुबह के नाश्ते या दोपहर के खाने के बाद।
डॉक्टरों के अनुसार, विटामिन D की मात्रा व्यक्ति की कमी के स्तर पर निर्भर करती है। आमतौर पर अगर कमी हल्की है, तो हफ्ते में 1 गोली (60,000 IU) दी जाती है, जिसे 6–8 हफ्तों तक लिया जा सकता है। गंभीर कमी होने पर डॉक्टर डोज बढ़ा सकते हैं। सामान्य तौर पर, हर 3-4 महीने में 1 बार मेंटेनेंस डोज लेने की सलाह दी जाती है ताकि स्तर स्थिर बना रहे। बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के विटामिन D सप्लीमेंट्स लेना सही नहीं है, क्योंकि ज्यादा मात्रा शरीर में कैल्शियम लेवल बढ़ा सकती है, जिससे किडनी स्टोन या उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
गोली के साथ दूध, दही या घी जैसी वसायुक्त चीजें लें। धूप में रोजाना 15–20 मिनट रहना प्राकृतिक विटामिन D पाने का सबसे अच्छा तरीका है। समय-समय पर ब्लड टेस्ट से लेवल जांचते रहें।