
Bihar Tourism Caravan Bus: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग समय-समय पर बेहतरीन पैकेज और ऑफर पेश करता रहता है। इसी कड़ी में, बिहार पर्यटन के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल (@tourismbihargov) ने 'कैरावैन बस' (Caravan Bus) सेवा के जरिए बिहार को करीब से जानने के लिए कुछ प्रमुख स्थानों के सुझाव दिए हैं। आइए, इन जगहों के बारे में विस्तार से जानते हैं-
बिहार के खगड़िया जिले के मानसी-सहरसा रेलखंड पर, बदलाघाट और धमाराघाट के बीच कोसी नदी के तट पर मां दुर्गा का छठा स्वरूप 'मां कात्यायनी' का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जिसे कात्यायनी धाम के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में प्रवेश करते ही एक अद्भुत शांति का अनुभव होता है। आप कैरावन बस से परिवार के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत यहां से कर सकते हैं।
गंगा नदी पर बना औंटा-सिमरिया (Aunta-Simaria) पुल बिहार की इंजीनियरिंग और प्रगति का एक बड़ा प्रतीक है। यह पुल अत्यंत विशाल और भव्य है। यहां से गुजरते समय गंगा नदी और आसपास का नजारा मन को मोह लेता है। आधुनिक बिहार की इस इंजीनियरिंग को देखने के लिए आप यहां भी जा सकते हैं।
उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम एक अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक हिंदू तीर्थस्थल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसे जगत जननी माता सीता की जन्मस्थली माना जाता है। यदि आप राम भक्त हैं या आपको धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक्सप्लोर करना पसंद है, तो पुनौरा धाम आपके लिए एक आदर्श स्थान है।
बिहार अपने सांस्कृतिक पर्यटन के साथ-साथ पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है। बिहार पर्यटन विभाग राज्य के स्थानीय स्वाद को बढ़ावा देते हुए सीतामढ़ी जिले के रुन्नी सैदपुर (Runni Saidpur) की मशहूर बालूशाही चखने की सलाह देता है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका अनूठा स्वाद है। इसे बिना फ्रिज के भी 7 से 10 दिनों तक आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है। आमतौर पर मैदे से बनने वाली बालूशाही से उलट, रुन्नी सैदपुर की बालूशाही शुद्ध छेने और सूजी से तैयार की जाती है, जो इसे बेहद खास और लजीज बनाती है।