Facts About Penguins: पेंगुइन देखने में जितने मासूम और क्यूट लगते हैं, असल जिंदगी में उतने ही हैरान करने वाले भी हैं। बर्फीले इलाकों में रहने वाले ये पक्षी कई मायनों में बाकी पक्षियों से बिल्कुल अलग हैं। आइए जानते हैं पेंगुइन से जुड़े 6 ऐसे दिलचस्प फैक्ट्स, जो शायद आप नहीं जानते होंगे।
Facts About Penguins: पेंगुइन देखने में जितने क्यूट लगते हैं, उतने ही रहस्यमय भी हैं। उनकी चाल, तैरने का अंदाज और सीधे-से दिखने वाले पैर अक्सर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं क्या पेंगुइन के घुटने होते भी हैं या नहीं?हैरानी की बात यह है कि पेंगुइन के शरीर से जुड़े कई ऐसे सच हैं, जिनका जिक्र आम किताबों में शायद ही मिलता है। अंटार्कटिका की बर्फ से लेकर समुद्र की गहराइयों तक, पेंगुइन की जिंदगी विज्ञान और प्रकृति का अनोखा मेल है।आइए जानते हैं पेंगुइन से जुड़े ऐसे ही 6 रोचक फैक्ट्स, जो न सिर्फ आपको चौंकाएंगे बल्कि इन खास पक्षियों को देखने का नजरिया भी बदल देंगे।
यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन पेंगुइन के घुटने होते हैं। दरअसल उनके घुटने शरीर के अंदर छिपे होते हैं, इसलिए बाहर से दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि चलते समय उनकी चाल थोड़ी अटपटी और मजेदार लगती है।
भले ही पेंगुइन पक्षियों के परिवार से आते हों, लेकिन ये उड़ नहीं सकते। समय के साथ इनके पंख उड़ने के बजाय तैरने के लिए ढल गए हैं, जिन्हें फ्लिपर्स कहा जाता है। यही वजह है कि पेंगुइन पानी में बेहद शानदार तैराक होते हैं। खासतौर पर जेंटू पेंगुइन समुद्र में लगभग 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकता है।
पेंगुइन अकेले रहना पसंद नहीं करते। ये हमेशा समूह में रहते हैं, जिन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है। आमतौर पर इनके झुंड को कॉलोनी या रूकेरी कहा जाता है। जब पेंगुइन ठंड से बचने के लिए एक-दूसरे से सटकर खड़े होते हैं, तो उसे हडल कहते हैं। वहीं पानी में तैरते पेंगुइन “राफ्ट” और चलते हुए पेंगुइन “वॉडल” कहलाते हैं।
लोग अक्सर सोचते हैं कि पेंगुइन सिर्फ अंटार्कटिका में रहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। पेंगुइन दक्षिणी गोलार्ध के कई हिस्सों में पाए जाते हैं, जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका। दिलचस्प बात यह है कि एक खास प्रजाति गैलापागोस पेंगुइन भूमध्य रेखा के पास भी रहती है।
एम्परर पेंगुइन दुनिया की सबसे बड़ी पेंगुइन प्रजाति मानी जाती है, जिनकी ऊंचाई लगभग 120 सेंटीमीटर तक होती है। ये सिर्फ अंटार्कटिका में ही पाए जाते हैं। बेहद ठंडे मौसम में जीने के लिए इनका शरीर खास तौर पर बना होता है, जहां तापमान कभी-कभी माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।
पेंगुइन को वफादार माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों की रिसर्च कुछ और ही कहानी बताती है। कुछ मादा पेंगुइन अपने पार्टनर के अलावा दूसरे नर के साथ भी संबंध बनाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका कारण यह होता है कि अगर उनका साथी प्रजनन में सक्षम न हो, तो अंडों के निषेचित होने की संभावना बनी रहे। यह व्यवहार पूरी तरह प्रकृति से जुड़ा हुआ है।