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अचार खाने के शौकीन हो जाएं सावधान: गलत डिब्बे में रखा अचार खाने से हो सकता है कैंसर

Side Effects of Storing Pickle in Plastic: आज के इस लेख में हम अचार से जुड़ी एक ऐसी गलती के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे लोग अनजाने में करते हैं। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की वजह भी बन सकती है। आइए जानते हैं कि आखिर वह गलती क्या है।

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Apr 29, 2026
Best Way to Store Pickles: image credit gemini

Best Way to Store Pickles: गर्मियों के आते ही ज्यादातर घरों में महिलाएं तरह-तरह के अचार बनाना शुरू कर देती हैं और बनाएं भी क्यों न, ये बोरिंग से बोरिंग खाने का स्वाद भी दोगुना कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस अचार को आप इतने चाव से खाते हैं, वही आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है? ऐसे में आपके दिमाग में आएगा कि यह ज्यादा अचार खाने से या इसे गलत तरीके से बनाने की वजह से होता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये दोनों ही मुख्य वजह नहीं हैं। अगर आप कम अचार खाते हैं और हाइजीनिक तरीके से बना हुआ अचार भी खाते हैं, तो भी इससे कैंसर जैसी बीमारी होने की संभावनाएं होती हैं। इसमें गलती अचार की नहीं, बल्कि उस डिब्बे की है जिसमें आपने उसे स्टोर करके रखा है। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि अचार को किस तरह के डिब्बे में रखना चाहिए ताकि यह नुकसानदेह न हो।

प्लास्टिक के डिब्बे में अचार रखना है खतरनाक (Danger of Plastic Containers)


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम चैनल @drtarangkrishna पर डॉ. तरंग कृष्ण द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो के अनुसार, अचार में नमक, तेल और मसालों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। जब ये चीजें प्लास्टिक के संपर्क में आती हैं, तो प्लास्टिक के अंदर से कुछ हानिकारक केमिकल जैसे बीपीए (BPA) और फ्थेलेट्स (Phthalates) बाहर निकलने लगते हैं। ये केमिकल धीरे-धीरे अचार में घुल जाते हैं और जब हम वह अचार खाते हैं, तो ये टॉक्सिंस सीधे हमारे शरीर में चले जाते हैं। ये केमिकल हमारे हार्मोन सिस्टम को पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एंडोक्राइन डिसरप्टर कहा जाता है। लंबे समय तक इनका सेवन करने से थायरॉइड की समस्या, हार्मोनल असंतुलन और कैंसर तक का खतरा बढ़ सकता है।

क्यों कांच या चीनी-मिट्टी के जार हैं बेहतर (Benefits of Glass or Ceramic Jars)


अगर आपने ध्यान से देखा होगा, तो आपको याद आएगा कि पहले के समय में दादी-नानी अचार को हमेशा कांच की बरनी या चीनी-मिट्टी के मर्तबान में रखती थीं। इसके पीछे सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान भी था। कांच और चीनी-मिट्टी रिएक्टिव नहीं होते, यानी ये अचार के तेल या नमक के साथ मिलकर कोई हानिकारक केमिकल नहीं छोड़ते। इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि आपका अचार सुरक्षित रहे और उसका स्वाद भी बना रहे, तो आज ही प्लास्टिक के डिब्बे बदल दें और उसे कांच या सेरामिक जार में रखें।

ज्यादा अचार खाने के नुकसान (Risks of Excessive Consumption)


सिर्फ डिब्बा ही नहीं, ज्यादा मात्रा में अचार खाना भी नुकसानदेह हो सकता है। दरअसल, अचार में नमक बहुत ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिए सही नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर अचार का बहुत ज्यादा सेवन किया जाए, तो इससे गैस्ट्रिक कैंसर का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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Published on:
29 Apr 2026 12:15 pm
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