How To Eat Fruits: फलों को चाकू से काटकर खाना आम है, लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि बिना काटे खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।क्या यह तरीका सच में स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर है? आइए जानते हैं, फलों को कैसे खाना फायदेमंद होता है।
How To Eat Fruits: फल हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी और हेल्दी खाद्य पदार्थों में से एक हैं।इनमें विटामिन्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो न केवल पाचन को दुरुस्त रखते हैं बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फलों को कैसे खाया जा रहा है, यह भी उतना ही ज़रूरी है जितना कि फल खाना?अक्सर हम फल काटकर प्लेट में सजाकर खाते हैं या फिर फ्रूट चाट बनाकर उसका सेवन करते हैं।इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि फलों को किस तरीके से खाना ज्यादा फायदेमंद है।
जब फल काटे जाते हैं, तो वे प्रकाश, गर्मी और हवा के सीधे संपर्क में आ जाते हैं ,जो उनके पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचाने वाले मुख्य कारण हैं।फल काटते समय इनमें मौजूद जिंक, मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं।इतना ही नहीं, हवा के संपर्क में आने से इनमें मौजूद विटामिन C भी तेजी से नष्ट हो सकता है।काटने से फल की सांस लेने की प्रक्रिया (Respiration rate) बढ़ जाती है, जिससे इनमें मौजूद शुगर टूटकर कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाती है।इसका असर न सिर्फ फल के स्वाद और बनावट पर पड़ता है, बल्कि ये जल्दी खराब भी हो जाते हैं।ऐसे में फल खाने का असली लाभ आपको नहीं मिल पाता।
कुछ फल ऐसे होते हैं जिन्हें छीलने या काटने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सीधे धोकर दांत से खाने पर उनका असली लाभ मिलता है। उदाहरण के लिए सेब, केला, अमरूद, चीकू और स्ट्रॉबेरी।जब आप इन्हें साबुत खाएंगे, तो इनमें मौजूद फाइबर और रफेज आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनाएंगे।इन फलों को दांत से काटकर खाने से न सिर्फ शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, बल्कि दांतों की सफाई भी होती है और मसूड़े मजबूत बनते हैं।इसके अलावा, रफेज की सही मात्रा मिलने से आंतों की सफाई होती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे शरीर स्वस्थ और एक्टिव बना रहता है।
फल को खाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है, चाहे आप उसे काटें या सीधे खाएं।
जो फल मोटे छिलके वाले होते हैं, जैसे अनार, पपीता या तरबूज। उन्हें काटकर खाना ही बेहतर होता है।
ध्यान दें कि फलों को काटकर देर तक खुले में न रखें, इससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं।