Hydrating Summer Drink: हर राज्य की अपनी खासियत और स्वाद है। जिसे अब आप अपने किचन में भी आसानी से बना सकते हैं। गर्मी में अगर आप सिर्फ कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम पर निर्भर रहते हैं तो इन पारंपरिक भारतीय समर ड्रिंक्स को एक बार जरूर ट्राई करें।
Hydrating Summer Drink: गर्मी की तपन में जब पसीना बेहिसाब निकलता है और शरीर थकान से भर जाता है तब ठंडा और हेल्दी ड्रिंक किसी राहत से कम नहीं लगता। भारत के हर राज्य में कुछ पारंपरिक पेय ऐसे हैं, जो न सिर्फ स्वाद में जबरदस्त होते हैं, बल्कि शरीर को ठंडक देने और एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करते हैं। यहां हम आपको देश के 6 राज्यों की 6 पारंपरिक समर ड्रिंक्स के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं और जिन्हें आप आसानी से घर पर भी बना सकते हैं।
पनक्कम दक्षिण भारत की एक पारंपरिक ड्रिंक (Summer Drink) है। जो खासतौर पर गर्मियों और त्योहारों में बनाई जाती है। इसे गुड़, नींबू का रस, सूखे अदरक, काली मिर्च और इलायची से तैयार किया जाता है। यह ड्रिंक पाचन को दुरुस्त रखती है और शरीर में ठंडक बनाए रखती है। गुड़ से शरीर में ऊर्जा मिलती है और पसीने के कारण जो मिनरल्स निकल जाते हैं, उन्हें यह वापस लाने में मदद करता है।
राजस्थान की गर्मी काफी तेज होती है और ऐसे मौसम में इमली का अमलाना शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने वाला पेय है। इसे इमली, काला नमक, भुना जीरा और पुदीना से बनाया जाता है। अमलाना शरीर से टॉक्सिक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और हीट स्ट्रोक से बचाव करता है। इसका तीखा-खट्टा हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आता हैं।
गर्मी में कच्चे आम का शरबत पूरे देश में पसंद किया जाता है, लेकिन बंगाल में इसे 'आम पूरा' कहा जाता है। कच्चे आम को भूनकर उसमें काला नमक, जीरा और पुदीना मिलाकर यह शरबत तैयार होता है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि लू से बचाव के लिए बेहतरीन उपाय है। इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है और डिहाइड्रेशन से भी राहत मिलती है।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत गर्मियों में हर घर में देखा जा सकता है। यह चने के भुने हुए आटे से बनता है। जिसमें नींबू, नमक, काली मिर्च और कभी-कभी प्याज भी डाला जाता है। यह ड्रिंक पेट को ठंडक देने वाला और काफी पौष्टिक होता है। सत्तू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसे पीने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती। शरीर में पानी की कमी को भी यह दूर करता है।
गोंधोराज नींबू पश्चिम बंगाल की खास किस्म का नींबू होता है। इससे बना ड्रिंक 'गोंधोराज घोल' दही और नींबू के मेल से तैयार किया जाता है। यह शीतल, हल्का और पाचन में सहायक होता है। इसमें काला नमक और थोड़ा भुना जीरा भी मिलाया जाता है। गोंधोराज घोल शरीर को डिटॉक्स करता है और गर्मी से राहत देता है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाएं जाते हैं।
मदुरै की पहचान माने जाने वाली ड्रिंक जिगरथंडा एक शानदार समर बेवरेज है। इसमें दूध, बादाम सिरप, सब्जा सीड्स और कुल्फी जैसी सामग्री मिलाई जाती है। यह ड्रिंक न केवल ठंडक देती है बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी पहुंचाती है। इसके नाम का मतलब ही है- ठंडा जिगर (दिल)। ये शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और थकावट को दूर करता है।