Male Infertility: क्या आप जानते हैं कि आपकी तंबाकू की आदत आपके पिता बनने के सपने को तोड़ सकती है? जानिए कैसे सिगरेट और गुटखा स्पर्म काउंट और DNA को बर्बाद कर रहे हैं और इसे सुधारने के आसान उपाय क्या हैं।
Male Infertility: आज के टाइम में खराब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस के बीच एक ऐसी समस्या दबे पांव पैर पसार रही है, जिस पर पुरुष अक्सर बात करने से ड़रते हैं, वो है पुरुष बांझपन (Male Infertility)। अक्सर बच्चा न होने पर दोष महिलाओं पर ड़ाला जाता है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बांझपन के लगभग 50% मामलों में वजह पुरुष होते हैं। और इस समस्या का सबसे बड़ा कारण है, तंबाकू। चाहे आप सिगरेट का धुंआ उड़ा रहे हों, हुक्का पी रहे हों या गुटखा खा रहे हों, आप अनजाने में अपने स्पर्म की हेल्द को जहर दे रहे हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library Of Medicine) के अनुसार तंबाकू आपकी मर्दानगी और फर्टिलिटी को अंदर से खत्म कर रहा है।
तंबाकू में मौजूद निकोटीन और हार्मफुल केमिकल सीधे आपके स्पर्म को नुकसान पहुंचाते हैं। नियमित सेवन से स्पर्म काउंट तेजी से गिरता है। जिससे स्पर्म की तैरने की पावर कम हो जाती है, और वे अंडे तक नहीं पहुंच पाते हैं। तंबाकू स्पर्म की बनावट (Morphology) बिगाड़ देता है, जिससे गर्भधारण में मुश्किलें आ सकती है।
जर्नल के अनुसार, तंबाकू बॉडी में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) बढ़ाता है। जिससे स्पर्म का DNA डैमेज हो सकता है। अगर गर्भधारण हो भी जाए, तो DNA खराबी के कारण गर्भपात (Miscarriage) का खतरा बढ़ सकता है या बच्चे के विकास में दिक्कतें आ सकती हैं।
अगर आप खुद धूम्रपान नहीं करते लेकिन ऐसे दोस्तों या माहौल में रहते हैं जहां हर वक्त धुंआ रहता है, तो आप भी सुरक्षित नहीं हैं। दूसरों के धुएं में सांस लेना यानी पैसिव स्मोकिंग भी पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को प्रभावित करती है।
जो पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं, उन पर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (जैसे IVF या IUI) का असर भी कम होता है। ऐसे मामलों में फर्टिलाइजेशन रेट गिर जाता है और भ्रूण (Embryo) के स्वस्थ होने की संभावना बहुत कम रह जाती है।
तंबाकू से हुआ नुकसान पर्मानेंट नहीं है। अच्छी खबर यह है कि पुरुष का शरीर हर 74 से 90 दिनों में नया स्पर्म बनाता है। यदि आप आज ही तंबाकू छोड़ देते हैं, तो अगले 3 से 6 महीनों में आपके स्पर्म की क्वालिटी और संख्या में सुधार देखने को मिल सकता है। तंबाकू छोड़ते ही शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल सुधरने लगता है और एनर्जी वापस लौटती है।