AI Labubu Doll Desi Avatar: विदेशी गुड़िया एक नए अवतार में तेजी से वायरल हो रही है। यह भारत के कई राज्यों के पारंपरिक पहनावे में नजर आ रही है, जिससे बनी है Labubu का देसी अवतार। आइए जानते हैं इस देसी अवतार में Labubu कैसी दिख रही।
AI Labubu Doll Desi Avatar: दुनिया भर में Labubu का क्रेज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। बड़ी-बड़ी आंखों और बाहर निकले दांत वाली यह विदेशी गुड़िया एक नए अवतार में तेजी से वायरल हो रही है। अब यह भारत के कई राज्यों के पारंपरिक पहनावे में नजर आ रही है, जिससे बनी है Labubu का देसी अवतार। इस नए अवतार ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जहां लोग इस अनोखे बदलाव को देखकर खूब मजे ले रहे हैं। आइए जानते हैं इस देसी अवतार में Labubu कैसी दिख रही।
‘लाबुसेठ’ नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह मध्य प्रदेश की ग्रामीण और आदिवासी संस्कृति से प्रेरित है। लाबुसेठ की पोशाक पारंपरिक धोती-कुर्ता या लहंगा-चोली हो सकती है, जिसमें हाथों-पैरों पर लोक कला की रंगीन झलक होती है। अक्सर इसमें काषाय और मिट्टी जैसे रंग होते हैं, जो ग्रामीण जीवन की सादगी और शुद्धता को दर्शाते हैं। साथ ही हाथ में कुम्हार या मिट्टी के बर्तन के साथ भी दिखाया जाता है।
गुजरात की भाषा से प्रेरित यह Labubu का नया नाम ‘लाबूजा’ है। गुजराती परिधान जैसे घाघरा-चोली, कंकरोसी कढ़ाई और पारंपरिक झुमके लाबूजा के लुक की खास पहचान हैं। लाबूजा के कपड़े चमकीले रंगों में होते हैं और उन पर दर्पण के छोटे-छोटे आईने लगे होते हैं, जो उसकी चमक को और बढ़ा देते हैं। साथ ही माथे पर बिंदी और हाथों में कड़ा जरूर होता है।
Labubu अब नया बिहारी अवतार भी किसी से कम नहीं। यह ‘लाबूनिया’ नाम बिहार की स्थानीय भाषा और संस्कृति से प्रेरित है। लाबूनिया आमतौर पर पारंपरिक बिहारी पोशाक में दिखाई देती है। यह साड़ी या लहंगा-चोली पहनती है, जो स्थानीय कढ़ाई और मधुबनी पेंटिंग से सजी होती है। सिर पर पारंपरिक ओढ़नी और गले में छोटे-छोटे नेकलेस होते हैं, जो इसकी देसी खूबसूरती को बढ़ाते हैं।
ओडिशा के मेकओवर में Labubu अब लाबू बो बन गई है। इस रूप में लाबू बो काले और लाल रंग की खूबसूरत संबलपुरी साड़ी में नजर आती है। साथ ही सिल्वर जूलरी जिसमें बड़े झुमके, लेयर्ड नेकलेस और कई चूड़ियां शामिल हैं। बालों में लगा लाल फूल लुक को और भी आकर्षक बनाता है। माथे पर बड़ी लाल बिंदी और नाक की नथ लाबू बो को पूरी तरह से उड़ीसा की सांस्कृतिक पहचान देती है।
पश्चिम बंगाल में बहन या भाभी के लिए ‘बाउदी’ शब्द का इस्तेमाल होता है, इसी से यहाँ की Labubu को लाबूदी कहा जाता है। लाबूदी पारंपरिक बंगाली सफेद और लाल रंग की साड़ी पहनती है। इसके साथ लाल रंग का ब्लाउज, सोने की लेयर्ड चेन और माथे पर बड़ी लाल बिंदी लगाई जाती है। हाथों में शंख-पोला स्टाइल की चूड़ियां और सोने की नथ बंगाली महिलाओं की पहचान हैं, जो इस लुक को पूरा करती हैं।
पंजाब में Labubu सलवार-कमीज पहनकर लबिंदर बन जाती है। लबिंदर गुलाबी रंग के कुर्ते और नीले रंग की सलवार में दिखती है। उसके दुपट्टे पर फुलकारी कढ़ाई के साथ मिरर वर्क और गोटे सजे होते हैं। जूलरी में झुमके, मांग टीका और लाल चूड़ा-चूड़ियां इस लुक को और भी खास बनाती हैं, जो पंजाबी संस्कृति की झलक है।
‘लाबुनाथ’ झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का प्रतीक है। लाबुनाथ पारंपरिक झारखंडी जनजातीय पोशाक में होती है, जिसमें रंग-बिरंगे कपड़े, मनके, और हस्तशिल्प की सजावट होती है। उनके गले में रत्न और कंगन होते हैं, और सिर पर पारंपरिक टोपियां या श्रृंगार किया जाता है। यह लुक यहां की प्रकृति और संस्कृति के साथ गहरे जुड़ा हुआ है।
राजस्थान में Labubu लाबू छोरी बानी है। वह लाल रंग के मिरर वर्क वाले घाघरा-चोली में दिखाई देती है। राजस्थानी ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर जूलरी जैसे बोरला, मांग टीका, हाथ फूल और कई चूड़ियां लाबू छोरी के पारंपरिक राजस्थानी अंदाज को दर्शाती हैं। यह लुक राजस्थान की रंगीन और जीवंत संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।