Moringa For Liver: आज के स्टोरी में आइए विस्तार से जानते हैं फैटी लिवर में मोरिंगा कैसे मदद कर सकता है, इसे कैसे लेना चाहिए और किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए।
Moringa For Liver: आजकल भारत में फैटी लिवर की दिक्कत काफी आम हो गई है। लगभग 35 से 40 प्रतिशत ज्याद उम्र के लोग और करीब 35 प्रतिशत बच्चे इससे परेशान हैं। जिसकी वजह गलत लाइफस्टाइल, ज्यादा तला-भुना और पैकेट वाला खाना, मीठा ज्यादा खाना और कम चलना-फिरना हैं। पहले यह बीमारी ज्यादा उम्र के लोगों में दिखती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अगर आप फैटी लिवर से बचना चाहते हैं, तो मोरिंगा को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। आइए जानते हैं फैटी लिवर में मोरिंगा कैसे मदद कर सकता है, इसे कैसे लेना चाहिए और किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए।
मोरिंगा, जिसका वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है, भारत में लंबे समय से आयुर्वेद में इलाज के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है। इसे “मिरेकल ट्री” भी कहा जाता है। इसकी पत्तियां काफी पौष्टिक होती हैं। इनमें विटामिन A, C और E, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही इसमें क्वेरसेटिन और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress) से बचाने में मदद करते हैं।
मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। यानी जब शरीर में नुकसान करने वाले तत्व ज्यादा बनते हैं, तो लिवर पर दबाव बढ़ता है और फैट जमा होने लगता है। ऐसे में यह इस असर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर लिवर की कोशिकाओं यानी सेल्स को खराब होने से बचा सकता है।
बता दें, फैटी लिवर की एक बड़ी वजह इंसुलिन रेजिस्टेंस भी है। जब शरीर इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो ब्लड शुगर बढ़ती है और लिवर में फैट जमा होने लगता है। कुछ स्टडी और जानवरों पर हुई रिसर्च में पाया गया है कि मोरिंगा ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। इससे लिवर में ज्यादा फैट जमा होने का खतरा कम हो सकता है।
इसके अलावा, मोरिंगा कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में भी मददगार माना जाता है। जब ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाते हैं, तो फैटी लिवर की हालत और खराब हो सकती है। कुछ रिसर्च में यह भी देखा गया है कि मोरिंगा खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही इसमें सूजन कम करने वाले गुण भी होते हैं, जो लिवर को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।
मोरिंगा से फैटी लिवर का सफल इलाज होना इसे लेकर अभी तक इंसानों पर बड़ी स्टडी कम हुई हैं। इसलिए मोरिंगा को फैटी लिवर का पूरा इलाज नहीं माना जा सकता। इसलिए इसे एक सहायक चीज के रूप में लेना ज्यादा सही है। सही खाना, रोज थोड़ी एक्सरसाइज और वजन कंट्रोल के साथ अगर मोरिंगा लिया जाए, तो फैटी लिवर में फायदा मिल सकता है।
मोरिंगा को रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है। इसकी ताजी पत्तियों को सब्जी, सूप या दाल में डाल सकते हैं। अगर ताजी पत्तियां न मिलें, तो मोरिंगा पाउडर को दाल, सब्जी या स्मूदी में मिलाया जा सकता है। कुछ लोग इसकी चाय बनाकर दिन में एक या दो बार पीते हैं। इसे ऑमलेट, भुर्जी या रोटी और पराठे के आटे में भी मिलाया जा सकता है।
ध्यान रखें, मोरिंगा पौष्टिक और नेचुरल चीज है, लेकिन इसे जादुई इलाज समझना सही नहीं है। इसे हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ ही अपनाएं। शुरुआत हमेशा थोड़ी मात्रा से करें, क्योंकि ज्यादा लेने पर कुछ लोगों को पेट में हल्की परेशानी हो सकती है। इसके अलावा अगर आपको पहले से लिवर की कोई गंभीर दिक्कत है, तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।