National Espresso Day 2025: कॉफी की दुनिया में अगर कोई ड्रिंक सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा रखती है, तो वह है एस्प्रेसो एक ऐसा छोटा-सा कप, जिसका असर दिल और दिमाग दोनों पर महसूस होता है।
National Espresso Day 2025: हर साल 23 नवंबर को, हम इसी ड्रिंक को समर्पित 'नेशनल एस्प्रेसो डे' (National Espresso Day) मनाते हैं। एस्प्रेसो कॉफी प्रेमियों के लिए सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि एस्प्रेसो की गहरी खुशबू, उसके इतिहास और उसके अनोखे स्वाद का जश्न है। दुनिया भर में लोग इस खास दिन पर उस छोटे मगर दमदार कॉफी शॉट को सेलिब्रेट करते हैं, जिसने कॉफी कल्चर को ही बदल दिया। आइए जानते हैं इसकी शुरुआत कहां से हुई और आज दुनिया की सबसे महंगी कॉफी की कीमत कितनी है।
आज हम जिसे “एक्स्ट्रा स्ट्रॉन्ग और क्विक कॉफी” कहकर पीते हैं, उसकी शुरुआत 1901 में इटली से हुई। वहीं के इन्वेंटर Luigi Bezzera ने एक ऐसी मशीन बनाई जो भाप के हाई प्रेशर से कुछ सेकंड में बेहद गाढ़ा, क्रीम जैसा लेयर वाला एस्प्रेसो तैयार कर सकती थी।इसी खोज ने कॉफी संस्कृति को हमेशा के लिए बदल दिया। कैफ़े अब सिर्फ पेय की जगह नहीं, बल्कि बातचीत, मुलाकातों और रिश्तों को मजबूत करने के केंद्र बन गए।
एस्प्रेसो एक छोटा लेकिन बेहद स्ट्रॉन्ग और फ्लेवर-रिच कॉफी शॉट होता है, जो तेज़ दबाव से तैयार किया जाता है।इसके ऊपर बनने वाली सुनहरी क्रेमा इसे एक क्रीमी और प्रीमियम फिनिश देती है।20–30 सेकंड की ब्रूइंग में बीन्स के सारे गहरे फ्लेवर्स निखरकर सामने आते हैं।इसी गाढ़े स्वाद, खुशबू और स्मूथ टेक्सचर की वजह से एस्प्रेसो दूसरी कॉफियों से बिल्कुल अलग लगता है।
Julith नाम का यह खास बुटीक कैफे अपनी प्रीमियम सर्विस और हाई-क्लास कॉफी क्राफ्टिंग के लिए चर्चा में है। यहां मिलने वाली यह एक्सक्लूसिव कॉफी दुनिया की सबसे महंगी कप कॉफी में शामिल है। एक कप की कीमत AED 3,600 (करीब ₹87,000) है, जिसकी कीमत इसके बेहद दुर्लभ कॉफी बीन्स, अनोखे फ्लेवर प्रोफाइल और खास ब्रूइंग तकनीक की वजह से इतनी ऊंची है। कॉफी प्रेमियों के लिए यह सिर्फ एक कप कॉफी नहीं, बल्कि एक रिच और लग्जरी अनुभव का एहसास कराती है।