
Menstrual Cramps: पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन होना काफी आम समस्या है। कुछ लोगों में यह दर्द हल्का होता है, जबकि कुछ लोगों को दर्द और ऐंठन इतनी ज्यादा होती है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों को कई बार दर्द कमर और जांघों तक भी महसूस हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं, पीरियड्स के दौरान दर्द और असहजता को कम करने के लिए किन आदतों को अपनी डेली रूटीन में शामिल किया जा सकता है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Mayo Clinic के अनुसार, पीरियड्स के दौरान गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस प्रक्रिया के चलते दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है। इसके अलावा NHS के अनुसार, पीरियड्स का दर्द आमतौर पर पीरियड शुरू होने से पहले या शुरुआत में महसूस हो सकता है। यह पेट के निचले हिस्से में ऐंठन या लगातार दर्द के रूप में हो सकता है और कभी-कभी कमर और जांघों तक भी फैल सकता है।
अगर पीरियड्स के दौरान हल्का या सामान्य दर्द हो रहा है, तो रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करके असहजता कम करने में मदद मिल सकती है।
पीरियड्स के दौरान दर्द होना आम बात है। लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है, लंबे समय तक रहता है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। एनएचएस (NHS) के अनुसार, पीरियड्स में तेज दर्द के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडिनोमायोसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स या पेल्विक इंफ्लेमेटरी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए हर महीने होने वाले बहुत तेज दर्द को केवल सामान्य पीरियड्स का दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कभी-कभार पीरियड्स के दौरान दर्द होना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर पीरियड्स दर्द के चलते आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, पढ़ाई या काम प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर पीरियड्स पहले की तुलना में ज्यादा दर्दनाक हो गए हैं, पीरियड्स ज्यादा भारी या अनियमित हो गए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है।