
PG To Rented Flat Lifestyle: पीजी (Paying Guest) से किराए के फ्लैट में शिफ्ट होने को अक्सर ज्यादा आजादी और बेहतर जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन एक युवती के लिए यह बदलाव उसकी उम्मीदों से बिल्कुल अलग साबित हुआ। उसने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद उसकी दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई।
स्वाति सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर PG से किराए के फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद का अपना अनुभव साझा किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि फ्लैट में रहने से खर्च कम होगा, रोज घर का खाना बना पाएंगी और अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख सकेंगी। वीडियो पर यह भी लिखा था कि उन्होंने PG छोड़कर फ्लैट में शिफ्ट किया है।
स्वाति सिंह ने बताया कि उन्हें विश्वास था कि फ्लैट में रहने से उनकी आर्थिक बचत होगी। साथ ही वे नियमित रूप से खाना बना सकेंगी और एक व्यवस्थित दिनचर्या अपनाकर अपनी हेल्थ का बेहतर ख्याल रख पाएंगी। स्वाति ने कहा, '' 'सोचा था पैसे बचेंगे, अब समय ही नहीं बचता।''
हालांकि, उन्होंने बताया कि फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद चीजें उनकी योजना के मुताबिक नहीं चलीं। उनके मुताबिक अब वह रात 4 बजे सोती हैं और सुबह 6 बजे उठ जाती हैं। उन्होंने कहा कि न तो उनकी कोई बचत हो रही है और न ही उनका खान-पान पहले जैसा रह गया है।
स्वाति ने बताया कि फ्लैट में रहने के बाद एक सामान्य दिनचर्या बनाए रखना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी वह रात में नाश्ता करती हैं और रात का खाना ही छोड़ देती हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि दिन कब शुरू होता है और रात कब खत्म होती है।
स्वाति सिंह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है। खासकर उन लोगों ने इस अनुभव से खुद को जोड़ा, जो PG से किराए के घर में शिफ्ट होने के बाद घर की जिम्मेदारियों, काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने में ऐसी ही परेशानियों का सामना कर चुके हैं।
एक यूजर ने कमेंट किया, "मुझे लगा सिर्फ मैं ही ऐसी हूं।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "मेरे साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ था।" वहीं तीसरे यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "बिल्कुल सच।"