How To Reduce Electricity Bill in Summer: गर्मियों के मौसम में बिजली का भारी-भरकम बिल एक बड़ी समस्या बन जाता है। यदि आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो यहां बताए गए टिप्स और ट्रिक्स को फॉलो करके आप अपने बिजली के बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
AC Temperature For Power Saving: आज के समय में लोग जितनी बढ़ती गर्मी से परेशान हैं, उतना ही महीने के अंत में आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से भी हैं। ऐसे में अगर आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो हमारी ये स्टोरी आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। यहां कुछ बहुत ही आसान और काम के टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपने बिजली के बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
ज्यादातर लोगों को लगता है कि कम तापमान यानी 16°C या 18°C पर एसी चलाने से कमरा जल्दी ठंडा होगा, लेकिन असलियत में ऐसा करने से कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव पड़ता है। जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है।
भारत सरकार का विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) की जानकारी के अनुसार, बिजली की बचत और आरामदायक कूलिंग के लिए 24°C का तापमान सही माना जाता है। इस तापमान पर एसी चलाने से कंप्रेसर जरूरत के हिसाब से चलता है, जिससे बिल में बड़ी राहत मिलती है।
एसी के साथ पंखा चलाने पर कुछ लोगों को लगता है कि इससे कूलिंग कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होता है। एसी के साथ सीलिंग फैन चलाने से कमरे के कोने-कोने तक ठंडी हवा तेजी से पहुंचती है। ऐसे में जब पंखा हवा को पूरे कमरे में सर्कुलेट करता है, तो कमरा जल्दी ठंडा होता है और एसी के कंप्रेसर को कम मेहनत करनी पड़ती है। इससे आपको 24°C के तापमान पर भी 18°C जैसी ठंडक का अहसास हो सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि बिजली का बिल कम आए, तो सबसे पहले यह जांच लें कि एसी वाले कमरे से ठंडी हवा बाहर तो नहीं निकल रही है। इसके साथ ही एसी चलाते समय दरवाजे और खिड़कियां भी अच्छी तरह बंद रखें।
इसके अलावा, यदि कमरे में बाहर से सीधी धूप आ रही हो, तो मोटे पर्दों का इस्तेमाल करें। इससे बाहर की गर्मी कमरे का तापमान नहीं बढ़ा पाएगी। इसके साथ आपको वेंटिलेशन का भी ध्यान रखना होगा।
एसी के एयर फिल्टर पर धूल-मिट्टी जमने से हवा का प्रवाह (Airflow) रुक जाता है, जिसके कारण मशीन को कमरा ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में यदि आप हर 15 से 30 दिनों में एक बार फिल्टर निकालकर साफ करते रहते हैं, तो इससे एसी की उम्र भी बढ़ती है और बिजली की खपत भी कम हो जाती है।
रात को सोते समय तापमान को बार-बार मैन्युअली बदलने के बजाय स्लीप मोड या एनर्जी सेविंग मोड का इस्तेमाल करें। यह फीचर कमरे की नमी और तापमान को आपके शरीर की जरूरत के हिसाब से अपने आप एडजस्ट करता रहता है। इससे रात भर एसी फिजूल बिजली नहीं खाता और अच्छी-खासी बचत हो सकती है।
रात के समय बाहरी तापमान दिन के मुकाबले कम हो जाता है, ऐसे में कुछ घंटे एसी चलाने के बाद कमरा काफी देर तक ठंडा रहता है। रात भर लगातार एसी चलाने से बचने के लिए टाइमर का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है। आप सोने से पहले 3 टाइमर लगा सकते हैं, जिससे कमरा ठंडा होने के बाद एसी अपने आप बंद हो जाए। इससे आपकी नींद भी खराब नहीं होगी और बिजली भी बचेगी।
अगर आप पुराना एसी बदलने या नया खरीदने की सोच रहे हैं, तो हमेशा 5-स्टार रेटिंग वाले इन्वर्टर एसी का ही चुनाव करें। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाले एसी, नॉन-इन्वर्टर मॉडल के मुकाबले बहुत कम बिजली खर्च करते हैं। लंबे समय के इस्तेमाल में यह तकनीक आपके हजारों रुपये बचा सकती है।
एसी के अलावा घर में लगे पुराने फिलामेंट बल्ब और सीएफएल (CFL) की जगह एलईडी (LED) बल्ब और ट्यूबलाइट्स का इस्तेमाल करें। एक 9 से 12 वॉट का एलईडी बल्ब, पुराने 60 वॉट के बल्ब जितनी ही रोशनी देता है और लगभग 80% तक बिजली बचाता है। हमेशा 4 या 5-स्टार रेटिंग वाले बल्ब ही खरीदें।
अक्सर लोग समझते हैं कि स्विच बोर्ड में लगे लाल इंडिकेटर बिजली ज्यादा खाते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। ये एलईडी आधारित इंडिकेटर पूरे दिन में सिर्फ 7-12 वॉट बिजली ही लेते हैं, जिसका महीने भर का खर्च मात्र 15 से 25 रुपये या कम या अधिक आ सकता है। इन्हें हटाने के बजाय बड़े उपकरणों जैसे एसी और फ्रिज की स्टार रेटिंग पर ध्यान देना और इस्तेमाल न होने पर टीवी या कंप्यूटर का मेन प्लग निकाल देना यानी स्टैंडबाय पावर बचाना बिल कम करने में ज्यादा मददगार होता है।