
Iranian FM Abbas Araghchi
Iranian FM Abbas Araghchi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर ईरान ने सख्त लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और चीन दोनों ही नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हमारी भी यही राय है।
अराघची ने जोर देकर कहा कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा नहीं रखी। उन्होंने 2015 के JCPOA (परमाणु समझौते) का हवाला देते हुए बताया कि ईरान ने बार-बार साबित किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा से तैयार रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह भरोसा दिलाया जाए कि हमारा कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा।
विदेश मंत्री ने होर्मुज स्ट्रेट पर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की इच्छा है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह खुला रहे। अराघची ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है। उन देशों के जहाजों को छोड़कर जो हमसे लड़ रहे हैं, बाकी सभी जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं।
उन्होंने अमेरिका की क्षेत्रीय आक्रामकता को ईरान की असुरक्षा का मुख्य कारण बताया। अराघची के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में स्थित है। इसलिए इसका प्रबंधन मुख्य रूप से इन दोनों देशों द्वारा ही होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ईरान और ओमान अब इस दिशा में आपसी विचार-विमर्श कर रहे हैं ताकि भविष्य में जलडमरूमध्य में बेहतर सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की जा सके, जो सभी जहाजों के सुरक्षित आवागमन की गारंटी दे।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह बयान एक साथ दो मकसद पूरा कर रहा है। पहला, परमाणु मुद्दे पर अपनी शांतिपूर्ण छवि को दोहराकर अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करना। दूसरा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना क्षेत्रीय नियंत्रण मजबूत दिखाते हुए अमेरिका और उसके सहयोगियों को संदेश देना कि क्षेत्रीय सुरक्षा का फैसला स्थानीय देश ही करेंगे।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है। यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। यदि यह बंद होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है। ऐसे में ईरान का खुला रखेंगे वाला बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन के साथ ईरान के बीच तनाव कम करने या फिर नई डील की संभावना को लेकर भी कयासबाजी तेज हो गई है। अराघची का यह संदेश भारत समेत उन देशों के लिए भी महत्वपूर्ण है जिनका तेल आयात होर्मुज पर निर्भर है।
Published on:
15 May 2026 05:01 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
