लाइफस्टाइल

Republic Day 2026: कागज नहीं, कला का अजूबा… गणतंत्र दिवस पर मेहमानों को मिलेगा ‘अहिंसा सिल्क’ और बांस वाला शाही न्योता

Republic Day 2026: राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' फंक्शन में इस बार दिखेगा उत्तर-पूर्व की 'अष्टलक्ष्मी' का जादू। एरी सिल्क से लेकर बांस के जादुई पिटारे तक, जानें कैसे इस गणतंत्र दिवस पर हस्तशिल्पियों को मिल रहा है वैश्विक सम्मान।

2 min read
Jan 19, 2026
Republic Day 2026 Invitation Card | (फोटो सोर्स- Twitter)

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला 'एट होम' कार्यक्रम इस बार केवल एक औपचारिक मिलन नहीं, बल्कि भारत की 'अष्टलक्ष्मी' यानी उत्तर-पूर्वी राज्यों की कला का महाकुंभ बनने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस साल के निमंत्रण पत्र को उत्तर-पूर्व के उन गुमनाम कारीगरों को समर्पित किया है, जिनकी उंगलियां सदियों से भारत की सांस्कृतिक विरासत को बुन रही हैं।

ये भी पढ़ें

Republic Day 2026: 115 साल पुराना राष्ट्रगान, क्यों गाया जाता है 52 सेकेंड में? जानिए गाने के पीछे का राज

​बांस का पिटारा और असम की चित्रकारी

​अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) द्वारा तैयार यह निमंत्रण पत्र किसी अजूबे से कम नहीं है। मेहमानों को मिलने वाला कार्ड एक खास बॉक्स में होगा, जो त्रिपुरा की ट्रेडिशनल बैम्बू मैट (बांस की चटाई) से बना है। इसके कवर पर असम की ऐतिहासिक पांडुलिपि चित्रकला की झलक है, तो वहीं मेघालय के धुएं में पकाए गए बांस के आभूषण इसे एक शाही लुक दे रहे हैं।

​पीस सिल्क और दुर्लभ वन्यजीवों का संगम

​जब मेहमान राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे, तो उनका स्वागत एरी सिल्क के स्टोल से किया जाएगा। इसे अहिंसा सिल्क भी कहा जाता है क्योंकि इसको बनाने में रेशम के कीड़ों को मारा नहीं जाता। इस स्टोल पर उत्तर-पूर्व की जैव-विविधता को उकेरा गया है, जैसे:

  • ​नागालैंड- राजकीय पशु मिथुन और रोडोडेंड्रॉन फूल।
  • ​मणिपुर- दुर्लभ शिरुई लिली और संगाई हिरण।
  • ​मिजोरम व त्रिपुरा- रेड वांडा ऑर्किड और नागकेसर के फूलों की सुंदरता।

​एक स्क्रॉल में समाए आठ राज्य

​निमंत्रण के अंदर एक अष्टकोणीय (Octagonal) बांस का स्क्रॉल है। इसे खोलते ही उत्तर-पूर्व की आठ कलाएं जीवंत हो उठती हैं। इसमें अरुणाचल का मोन शुगु कागज, मणिपुर की प्रसिद्ध लॉन्गपी काली मिट्टी के बर्तन, सिक्किम की बिछुआ घास की कढ़ाई और मिजोरम का पुआन चेई वस्त्र शामिल है। यह पूरा डिजाइन महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'लॉइन लूम' (Loin Loom) से इंस्पायर्ड है।

​विरासत को सहेजने की अनूठी पहल

​राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे साझा करते हुए कहा कि यह निमंत्रण उन कारीगरों के प्रति सम्मान है जिन्होंने आधुनिकता के दौर में भी अपनी पारंपरिक तकनीकों को जीवित रखा है। यह केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक यादगार कलेक्टर आइटम है जिसे लोग उत्सव के बाद भी अपने घरों में सजाकर रख सकेंगे।

​इस बार का 'एट होम' कार्ड बताता है कि दिल्ली के गलियारों में अब उत्तर-पूर्व की गूंज और भी गहरी होने वाली है।

ये भी पढ़ें

Driver On Call: पार्टी करें बेफिक्र! शराब पीने के बाद इन 6 ऐप्स से बुलाएं अपना प्राइवेट ड्राइवर

Also Read
View All
कमर दर्द और हैमस्ट्रिंग की जकड़न से राहत, अनंत अंबानी के फिटनेस ट्रेनर ने बताया प्राचीन हिंदू वॉरियर योग का असरदार तरीका

Momos Harmful for Health: मोमोज की लत ने कराया 85 लाख का नुकसान, जानिए इस फास्ट फूड के खतरनाक दुष्प्रभाव

Cancer Risk Factors: जंक फूड का चस्का या कैंसर को न्योता, स्टडी बताती है इन 5 गलतियों से आप बढ़ रहे हैं इस खतरे की ओर

Study Mantra: बोर्ड के एग्जाम हों या कोई अन्य परीक्षा, पढ़ाई में बर्नआउट से बचने के लिए अपनाइए विकास दिव्यकीर्ति का 8-8-8 फॉर्मूला

India Coconut Production: बजट पेशी में वित्त मंत्री ने नारियल प्रमोशन पर क्यों दिया खास जोर? जानिए इस सुपरफ्रूट के पोषण फायदे

अगली खबर