Richest Royal Families: 2026 में भारत के इन 5 शाही परिवारों की नेटवर्थ देख आंखें फटी रह जाएंगी। उदयपुर से मैसूर तक, जानिए किसके पास है ₹50,000 करोड़ का खजाना और किसका महल बकिंघम पैलेस से भी बड़ा है।
Richest Royal Families 2026: राजशाही खत्म हो गई, राजाओं के अधिकार चले गए… लेकिन क्या उनकी ताकत कम हुई? बिल्कुल नहीं, 2026 की Indulge Express की रिपोर्ट के अनुसार, आज भारत के ये शाही परिवार न केवल अपनी परंपराओं को सहेज रहे हैं, बल्कि दौलत के मामले में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को टक्कर दे रहे हैं। किले, महल, और विलासिता, इन परिवारों ने अपनी विरासत को दुनिया के बेस्ट हेरिटेज होटल्स और टूरिज्म बिजनेस में बदल दिया है। आइए जानते हैं 2026 के उन चुनिंदा शाही परिवारों के बारे में जिनकी नेटवर्थ हजारों करोड़ में है।
इस लिस्ट में सबसे ऊपर उदयपुर का मेवाड़ राजपरिवार है। महाराणा लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के नेतृत्व में इस परिवार की कुल संपत्ति ₹50,000 करोड़ के पार पहुंच गई है। इनका HRH ग्रुप ऑफ होटल्स लग्जरी टूरिज्म की दुनिया में एक बड़ा नाम है। उदयपुर का ताज लेक पैलेस और सिटी पैलेस न केवल टूरिस्ट्स की पहली पसंद हैं, बल्कि आय का भी मेन सोर्स है।
महाराजा पद्मनाभ सिंह के नेतृत्व वाला जयपुर राजपरिवार भारत के सबसे चर्चित और आधुनिक परिवारों में से एक है। इनकी संपत्ति लगभग ₹20,000 करोड़ आंकी गई है। सिटी पैलेस और जयगढ़ किला इनकी विरासत के प्रतीक हैं। जयपुर की प्राइम रियल एस्टेट में इनकी बड़ी हिस्सेदारी है, जो इन्हें देश के सबसे अमीर परिवारों की गिनती में रखती है।
महाराजा गज सिंह द्वितीय के संरक्षण में जोधपुर का राजपरिवार ₹22,000 करोड़ की संपत्ति का मालिक है। इनका उम्मेद भवन पैलेस दुनिया के बेस्ट होटल्स में गिना जाता है। 347 कमरों वाले इस आलीशान महल के एक हिस्से में आज भी राज परिवार रहता है, जबकि बाकी हिस्सा होटल और म्यूजियम के तौर पर इस्तेमाल होता है। मेहरानगढ़ किला भी इनकी आय का बड़ा सोर्स है।
गुजरात का गायकवाड़ राजवंश अपनी भारी संपत्ति के लिए जाना जाता है। समरजीतसिंह गायकवाड़ के पास करीब ₹25,000 करोड़ की संपत्ति है। इनका लक्ष्मी विलास पैलेस दुनिया के सबसे बड़े पर्सनल पैलेस में से एक है। रिपोर्ट की मानें तो अकेले इस महल की कीमत ही ₹24,000 करोड़ के आसपास है। यह महल लंदन के बकिंघम पैलेस से भी कई गुना बड़ा है।
दक्षिण भारत में मैसूर का वाडियार राजवंश आज भी अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार के नेतृत्व में इस परिवार की कुल संपत्ति करीब ₹10,000 करोड़ है। मैसूर पैलेस और बेंगलुरु पैलेस जैसी कीमती संपत्तियां इनके स्वामित्व में हैं।