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Success Story: 1 करोड़ की नौकरी छोड़ ऑस्ट्रेलिया पहुंची भारतीय महिला, Airbnb फ्लैट साफ कर फिर से बनाई पहचान

Shweta Desai Story: लंदन में करोड़ों की नौकरी करने वाली भारतीय महिला श्वेता देसाई ने मेलबर्न जाकर Airbnb फ्लैट साफ करने का काम शुरू किया। जानिए कैसे उन्होंने पहचान और करियर संकट से बाहर निकलकर नई शुरुआत की।

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May 07, 2026
Indian Woman London to Melbourne Story (photo- chatgtp)

Indian Woman London to Melbourne Story: मुंबई में पली-बढ़ीं Shweta Desai ने कभी सोचा भी नहीं था कि लंदन में बड़ी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद उनकी जिंदगी इतनी बदल जाएगी। एक समय ऐसा था जब वह लंदन में एक बड़ी कंपनी में Head of Product थीं और सालाना करीब 1 करोड़ रुपये कमाती थीं। लेकिन 2023 में पति की नौकरी के कारण जब वह परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शिफ्ट हुईं, तो सब कुछ बदल गया।

श्वेता ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर की, जिसने हजारों लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि लंदन छोड़ना सिर्फ शहर बदलना नहीं था, बल्कि अपनी पहचान खोने जैसा था।

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लंदन की लग्जरी लाइफ से मेलबर्न की नई शुरुआत

श्वेता 2008 में पढ़ाई के लिए लंदन गई थीं। वहां उन्होंने करीब 15 साल बिताए और धीरे-धीरे अपने करियर में बड़ी पहचान बनाई। अच्छी सैलरी, ब्रांडेड कपड़े, महंगे बैग, मेकअप और फाइनेंशियल फ्रीडम सब कुछ था। लेकिन मेलबर्न पहुंचने के बाद हालात बिल्कुल अलग थे। वहां का जॉब मार्केट उनके लिए आसान नहीं था। काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें अपनी प्रोफाइल के हिसाब से नौकरी नहीं मिली। आखिरकार उन्होंने पहली मिली नौकरी स्वीकार कर ली, जिसमें Airbnb अपार्टमेंट्स मैनेज करना शामिल था। इस काम में फ्लैट्स की सफाई करना, बेडशीट बदलना, लॉन्ड्री संभालना और गेस्ट्स के सवालों का जवाब देना शामिल था।

“मुझे लगा मैं खुद को खो चुकी हूं”

श्वेता ने बताया कि यह बदलाव उनके लिए बहुत मुश्किल था। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगता था कि उनकी पहचान सिर्फ उनके जॉब टाइटल और सैलरी से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “लंदन में मेरी अलग पहचान थी। मेरे पास अच्छी लाइफस्टाइल थी। लेकिन मेलबर्न आने के बाद सब कुछ खत्म सा लगने लगा। टाइटल, सैलरी और वो जिंदगी… सब चला गया।” श्वेता के मुताबिक, बेरोजगारी ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। लोग जब पूछते थे कि “आप क्या करती हैं?”, तो उनके पास जवाब नहीं होता था। कई बार वह खुद को सिर्फ हाउसवाइफ कह देती थीं, लेकिन अंदर से उन्हें लगता था कि वह नकली जिंदगी जी रही हैं।

सफाई के काम ने सिखाया बड़ा सबक

हालांकि धीरे-धीरे Airbnb अपार्टमेंट्स संभालने का काम उनके लिए एक नई सीख बन गया। उन्होंने महसूस किया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। श्वेता ने कहा कि इस काम ने उन्हें खुद से दोबारा जोड़ने में मदद की। यह एक साधारण नौकरी थी, लेकिन इसी ने उन्हें फिर से आत्मविश्वास दिया। आज श्वेता सिर्फ अपार्टमेंट मैनेजमेंट का काम ही नहीं कर रहीं, बल्कि बच्चों को अंग्रेजी भी पढ़ाती हैं और महिलाओं के लिए अपना कोचिंग बिजनेस भी बना रही हैं।

“पैसा सिर्फ पैसा नहीं, आजादी है”

श्वेता का मानना है कि आर्थिक रूप से मजबूत होना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक पैसा सिर्फ खर्च करने की चीज नहीं, बल्कि आजादी देता है। उन्होंने मजाक में कहा, “अब मुझे लिप बाम खरीदने के लिए भी सोचना पड़ता है।” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि पैसा महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने की ताकत देता है। अब श्वेता “The Rebuild Room” नाम से एक WhatsApp कम्युनिटी भी चला रही हैं, जहां वह उन महिलाओं की मदद करती हैं जो करियर, शादी, शहर बदलने या जिंदगी के बड़े बदलावों से गुजर रही हैं। उनकी कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है कि जिंदगी में बदलाव चाहे जितना बड़ा हो, इंसान खुद को फिर से खड़ा कर सकता है।

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