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कम या ज्यादा नींद से फर्टिलिटी पर पड़ता है असर? जानिए पुरुषों और महिलाओं के लिए क्या कहती है रिसर्च

Impact of Sleep Patterns on Male Fertility: क्या नींद का फर्टिलिटी पर असर पड़ता है? नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए पुरुषों और महिलाओं में नींद से फर्टिलिटी पर पड़ने वाले असर के बारे में।
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Sep 19, 2026
Sleep And Fertility, नींद और फर्टिलिटी
fertility पर सोने का असर (representative image) image credit Magnific

How Sleep Quality Affects Fertility in Women: अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो नींद का ध्यान रखना भी जरूरी हो सकता है। अच्छी नींद शरीर को आराम देने के साथ हार्मोन और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद करती है। कुछ रिसर्च में नींद की अवधि और नींद से जुड़ी समस्याओं का फर्टिलिटी से संबंध पाया गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि नींद और फर्टिलिटी के बीच क्या संबंध है और रोज कितने घंटे सोना बेहतर माना जाता है।

कम नींद का फर्टिलिटी पर पड़ सकता है असर

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) पर प्रकाशित एक रिसर्च में गर्भधारण की कोशिश कर रही महिलाओं की नींद और फर्टिलिटी के बीच संबंध देखा गया। स्टडी में कम नींद और गर्भधारण की संभावना के बीच हल्का संबंध पाया गया, हालांकि यह सीधा कारण साबित नहीं करता।

नींद की समस्या भी हो सकती है महत्वपूर्ण

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) पर प्रकाशित एक अन्य रिसर्च रिव्यू में नींद से पुरुषों और महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के बीच संबंध को देखा गया। इसमें नींद की अवधि, सोने और जागने का समय, नींद से जुड़ी समस्याओं और शिफ्ट वर्क जैसे फैक्टर्स को रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ा पाया गया।

पुरुषों में स्पर्म हेल्थ से भी जुड़ी है नींद

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, नींद की कमी या बहुत ज्यादा नींद स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी से जुड़ी हो सकती है।नियमित रूप से करीब 7 से 8 घंटे की नींद लेना पुरुषों की स्वास्थय के साथ-साथ स्पर्म हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा हेल्दी डाइट, सही वजन बनाए रखना, स्ट्रेस कम करना, स्मोकिंग से बचना और शराब का सेवन सीमित करना भी स्पर्म हेल्थ के लिए जरूरी माना जाता है।

फर्टिलिटी के लिए कितने घंटे की नींद जरूरी है

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आमतौर पर 7 से 8 घंटे की नींद लेना बेहतर माना जाता है। बहुत कम या बहुत ज्यादा नींद लेने की आदत को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) पर उपलब्ध रिसर्च भी बताती है कि नींद की अवधि और पैटर्न रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़े हो सकते हैं।

अच्छी नींद के लिए इन बातों का रखें ध्यान

अच्छी नींद के लिए रोज एक तय समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल और दूसरे स्क्रीन टाइम को कम करें और कैफीन का सेवन देर शाम या रात में करने से बचें। अगर लंबे समय से नींद की समस्या बनी हुई है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
19 Sept 2026 04:19 pm
Published on:
19 Sept 2026 03:57 pm