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Study Mantra: बोर्ड के एग्जाम हों या कोई अन्य परीक्षा, पढ़ाई में बर्नआउट से बचने के लिए अपनाइए विकास दिव्यकीर्ति का 8-8-8 फॉर्मूला

Study Mantra: आज के समय में पढ़ाई का दबाव इतना बढ़ गया है कि स्टूडेंट्स जल्दी थक जाते हैं और मेंटल बर्नआउट का सामना करते हैं।ऐसे में 8-8-8 फॉर्मूला मददगार साबित होता है, जो पढ़ाई के साथ पूरी जिंदगी में संतुलन बनाए रखना भी सिखाता है।

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Feb 02, 2026
Time Management for Students|फोटो सोर्स – Freepik

Study Mantra: परीक्षाओं की तैयारी में अक्सर स्टूडेंट्स पढ़ाई के दबाव और लंबे समय तक लगातार मेहनत करने से थक जाते हैं, जिसे बर्नआउट कहते हैं। विकास दिव्यकीर्ति (IAS Vikas Divyakirti)ने इसका आसान हल बताया है 8-8-8 फॉर्मूला। इसमें दिन को तीन हिस्सों में बांटा जाता है 8 घंटे नींद, 8 घंटे पढ़ाई और 8 घंटे खुद के लिए। इस संतुलित दिनचर्या से न केवल पढ़ाई में फोकस बढ़ता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक सेहत भी बनी रहती है, जिससे कोई भी परीक्षा आसान लगने लगती है।।

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Study Tips By Vikas Divyakirti: क्या है 8+8+8 फॉर्मूला?

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तभी सफल हो सकती है, जब छात्र अपने 24 घंटे को सही ढंग से मैनेज करे। 8-8-8 फॉर्मूला इसी सोच पर आधारित है। इसके अनुसार पूरे दिन को तीन बराबर हिस्सों में बांटना चाहिए 8 घंटे नींद, 8 घंटे पढ़ाई, और 8 घंटे बाकी जिंदगी के लिए।यह फॉर्मूला सिर्फ UPSC के लिए नहीं, बल्कि JEE, NEET, NET और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हर छात्र के लिए फायदेमंद है।

8 घंटे नींद, 8 घंटे पढ़ाई और 8 घंटे अपनी जिंदगी के लिए

सबसे पहले बात नींद की। 8 घंटे की अच्छी नींद लेने से दिमाग तरोताजा रहता है और पढ़ी हुई चीजें ज्यादा देर तक याद रहती हैं। दूसरा हिस्सा है 8 घंटे की पढ़ाई, लेकिन इसका मतलब लगातार 8 घंटे किताब लेकर बैठना नहीं है। पढ़ाई को 2–3 घंटे के सेशन में बाँटकर करें और हर सेशन के बाद छोटा ब्रेक जरूर लें।तीसरा और सबसे अहम हिस्सा है बाकी 8 घंटे, जिसमें आप खाना-पीना, नहाना, थोड़ा आराम, दोस्तों से बात करना और खुद के लिए समय निकाल सकते हैं।

ब्रेक में क्या करें? ताकि दिमाग भी रिलैक्स हो

  • हल्का-फुल्का मोबाइल या इंडोर गेम खेल सकते हैं
  • म्यूजिक सुन सकते हैं
  • 20–30 मिनट की मूवी या वेब सीरीज का एक एपिसोड देख सकते हैं
  • थोड़ी वॉक या स्ट्रेचिंग कर सकते हैं
  • किसी दोस्त या परिवार के सदस्य से बात कर सकते हैं
  • ये सब चीजें दिमाग को रीफ्रेश करती हैं और दोबारा पढ़ाई में मन लगाती हैं।

“आप रोबोट नहीं हैं” विकास दिव्यकीर्ति की अहम सीख

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति साफ कहते हैं कि छात्र रोबोट नहीं हैं। अगर कोई यह सोच ले कि वो दिन-रात सिर्फ पढ़ाई करता रहेगा, तो वह जल्दी थक जाएगा। जिंदगी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। पढ़ाई जरूरी है, लेकिन उसके साथ आराम, रिश्ते और खुद के लिए समय भी उतना ही जरूरी है। जब इन सबमें संतुलन बनता है, तभी सफलता का रास्ता आसान होता है।

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Published on:
02 Feb 2026 03:54 pm
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