Best Foods for Eyes: आज की इस स्टोरी में हम बताने जा रहे हैं कि घर में मौजूद किन चीजों का सेवन करने से आंखों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।
Best Foods for Eyes: पहले के समय में जहां आंखों से जुड़ी परेशानियां अक्सर बढ़ती उम्र के साथ देखी जाती थीं, वहीं अब कम उम्र के युवाओं के साथ-साथ छोटे बच्चे भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। आज के इस डिजिटल दौर में हमारी आंखें सबसे ज्यादा थकती हैं, क्योंकि सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हमारा ज्यादातर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के सामने ही बीतता है। नतीजा यह है कि छोटी उम्र में ही मोटा चश्मा लगना, आंखों में सूखापन (Dry Eyes), जलन और धुंधलापन दिखना अब एक आम समस्या बन चुकी है। हम में से ज्यादातर लोग शरीर के बाकी हिस्सों का तो ख्याल रखते हैं, लेकिन आंखों को नजरअंदाज कर देते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि आयुर्वेद के अनुसार हमारे किचन में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिन्हें अगर आप रोजाना अपनी डाइट में शामिल करें, तो न सिर्फ आपकी आंखों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा बल्कि चश्मे जैसी परेशानियों से भी छुटकारा मिल सकता है। आइए आज के स्टोरी में विस्तार से जानते हैं कि घर की किन चीजों के सेवन करने से आंखों से जुड़ी इन परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
एक आंवले में लगभग 20 संतरों के बराबर विटामिन-C होता है, इसलिए आंवला विटामिन-C का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है। यह आंखों की ब्लड वेसल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए रोजाना सुबह खाली पेट आंवले का जूस, चूर्ण या मुरब्बा खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है, डार्क सर्कल्स कम होते हैं और आंखों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भी काफी स्लो हो जाती है। इसलिए अगर आप अपनी आंखों को लंबे समय तक हेल्दी रखना चाहते हैं तो रोजाना एक आंवले का सेवन जरूर करें।
गाजर में मौजूद 'बीटा-कैरोटीन' आंखों के कॉर्निया की रक्षा करने में सहायक होता है, ऐसे में आप अपनी आंखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनी डाइट में गाजर शामिल कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, कच्ची गाजर खाने के बजाय इसे पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद माना गया है। पकाने से इसके पोषक तत्व शरीर में बेहतर तरीके से जज्ब यानी एब्जॉर्ब होते हैं, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है और रतौंधी जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
आयुर्वेद के साथ-साथ अब मॉडर्न साइंस भी यह मानता है कि आंखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड और सही लुब्रिकेशन की सख्त जरूरत होती है। इसलिए आज से हजारों साल पहले से ही आयुर्वेद में घी को आंखों के लिए एक अच्छा औषधि माना गया है। ऐसे में आप अपनी आंखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए रात को सोते समय पैरों के तलवों पर घी की मालिश कर सकते हैं। यह आंखों के तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा, आप घी को दाल-सब्जी में ऊपर से डालकर भी खा सकते हैं जो खाना आंखों की नसों को अंदरूनी पोषण और मजबूती देने में मदद करेगा।
सौंफ को आयुर्वेद में 'नेत्र ज्योति' का नाम दिया गया है, जो अपनी ठंडी तासीर से आंखों को राहत पहुंचाती है। ऐसे में आप इसे खाना खाने के बाद सीधे चबा सकते हैं या फिर इसकी हर्बल चाय बनाकर भी पी सकते हैं, यह न केवल आंखों की नसों को आराम देती है बल्कि मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को दूर रखने में भी मदद करती है।
आयुर्वेद में हरी मूंग की दाल को 'चक्षुष्य' यानी आंखों के लिए अच्छा माना गया है। इसमें मौजूद जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों की नसों की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। ऐसे में अगर आपको स्क्रीन टाइम के कारण आंखों में अक्सर खुजली या भारीपन रहता है, तो हफ्ते में इसे 2-3 बार अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
वैसे तो ये सभी नेचुरल चीजें आंखों के लिए बेहद फायदेमंद हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके और सही मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही ध्यान दें किसी भी नेचुरल उपाय का असर दिखने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए धीरज रखें। अगर आप एक संतुलित आहार के साथ इन आयुर्वेदिक फूड्स को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं और साथ ही बीच-बीच में आंखों को ठंडे पानी से धोते रहते हैं, तो आपकी आंखों की रोशनी लंबे समय तक सही रहेगी।