
Bone Health Tips: उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती धीरे धीरे कम हो सकती है। ऐसे में केवल कैल्शियम और विटामिन डी पर ध्यान देना ही काफी नहीं है, बल्कि खानपान, एक्सरसाइज और रोज की कुछ आदतों का भी हड्डियों की सेहत पर असर पड़ता है। अगर आप लंबे समय तक अपनी हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं हड्डियों की सेहत के लिए क्या करें और किन गलतियों से बचें।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए रोज के खाने में पर्याप्त कैल्शियम होना जरूरी है। इसके लिए दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के अलावा टोफू, सोया से बनी चीजें, सार्डिन मछली और सैल्मन को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। शरीर को कितने कैल्शियम की जरूरत है, यह उम्र के हिसाब से अलग अलग हो सकती है। अगर खाने पीने की चीजों से पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पा रहा है, तो सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार विटामिन डी शरीर के लिए जरूरी है, क्योंकि यह कैल्शियम को शरीर में सोखने में मदद करता है। ऐसे में सैल्मन, ट्राउट, टूना और मैकेरल जैसी तैलीय मछलियों और विटामिन डी से भरपूर चीजों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा दूध और कुछ अनाज जैसे खाद्य पदार्थों से भी विटामिन डी मिल सकता है। वहीं, धूप में कुछ समय रहने से शरीर खुद भी विटामिन डी बना सकता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि हड्डियों को मजबूत रखने और उम्र के साथ होने वाले हड्डियों के नुकसान को धीमा करने में मदद कर सकती है। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल एंड स्किन डिजीजेज (NIAMS) के अनुसार हड्डियों की सेहत के लिए अलग अलग तरह की एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल करना अच्छा रहता है। इसमें वजन सहने वाली एक्सरसाइज, मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज और बैलेंस वाली एक्सरसाइज शामिल हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल एंड स्किन डिजीजेज (NIAMS) के अनुसार वयस्कों को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज या 75 मिनट तेज तीव्रता वाली एक्सरसाइज करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करनी चाहिए। वहीं उम्रदराज लोगों के लिए हर हफ्ते बैलेंस, एरोबिक और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार तंबाकू का सेवन, खासकर धूम्रपान और वेपिंग, हड्डियों को कमजोर कर सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा सकता है। ज्यादा शराब पीने से भी हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल एंड स्किन डिजीजेज (NIAMS) के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की हड्डियों का घनत्व कम है, ऑस्टियोपोरोसिस है या कोई दूसरी शारीरिक समस्या है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।