लाइफस्टाइल

एनर्जी, हाइड्रेशन और स्किन ग्लो के लिए IV ड्रिप कितनी फायदेमंद? Cleveland Clinic से जानें 

IV Vitamin Therapy: आईवी विटामिन थेरेपी से क्या वाकई एनर्जी और इम्यूनिटी में सुधार होता है? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें इसके संभावित फायदे, जोखिम और आईवी फ्लूड्स के इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी बातें।
3 min read
• •
Oct 09, 2026
IV Vitamin Therapy, IV Vitamin Therapy Benefits
IV Vitamin Therapy Benefits (representative image) image credit Magnific

IV Vitamin Therapy Benefits: फेस्टिव और वेडिंग सीजन में हर कोई चाहता है कि वह फ्रेश दिखे, शरीर में एनर्जी बनी रहे और चेहरा खिला-खिला नजर आए। इसी वजह से इन दिनों कुछ लोग आईवी ड्रिप (IV Drip) का सहारा ले रहे हैं। माना जाता है कि इससे शरीर में पानी की कमी दूर करने, थकान कम करने और त्वचा पर निखार लाने में मदद मिल सकती है। लेकिन क्या आईवी ड्रिप वाकई इन कामों में असरदार है? आइए, जानते हैं।

क्या होती है आईवी विटामिन थेरेपी?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईवी विटामिन थेरेपी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्वों का तरल मिश्रण नस के जरिए सीधे खून में पहुंचाया जाता है। आमतौर पर इसके लिए हाथ या बांह की नस में एक छोटी ट्यूब लगाई जाती है। इस तरीके से पोषक तत्व पाचन तंत्र से गुजरे बिना सीधे खून में पहुंचते हैं।

क्या आईवी विटामिन थेरेपी से एनर्जी और इम्यूनिटी बढ़ती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, कई वेलनेस क्लीनिक आईवी विटामिन थेरेपी को थकान कम करने, ऊर्जा बढ़ाने, इम्यूनिटी को सपोर्ट करने और मानसिक एकाग्रता बेहतर करने के तरीके के रूप में पेश करते हैं। इस थेरेपी में विटामिन सी, बी विटामिन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। हालांकि, सामान्य सेहत बेहतर बनाने के लिए इन दावों के समर्थन में ठोस वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। इसलिए इसे थकान या कमजोरी का निश्चित इलाज नहीं मानना चाहिए।

पानी की कमी होने पर कब दिए जाते हैं आईवी फ्लूड्स?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईवी फ्लूड्स (IV Fluids) ऐसे विशेष तरल पदार्थ होते हैं, जिन्हें नस के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है। इनका इस्तेमाल शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन को रोकने या ठीक करने के लिए किया जाता है। उल्टी या दस्त के कारण शरीर में पानी की गंभीर कमी होने, पर्याप्त पानी न पी पाने या सर्जरी के दौरान आईवी फ्लूड्स की जरूरत पड़ सकती है। किस व्यक्ति को किस तरह का फ्लूड और कितनी मात्रा में देना है, यह उसकी उम्र, वजन, बीमारी और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ तय करते हैं।

आईवी विटामिन थेरेपी और आईवी फ्लूड्स में क्या अंतर है?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईवी विटामिन थेरेपी में मुख्य रूप से विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट का मिश्रण दिया जाता है, जबकि आईवी फ्लूड्स का मुख्य उद्देश्य शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करना और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करना है। कुछ आईवी फ्लूड्स में नमक या ग्लूकोज जैसे पदार्थ हो सकते हैं। जरूरत के अनुसार, नस के जरिए दवाएं या पोषण भी दिया जा सकता है। दोनों प्रक्रियाओं का इस्तेमाल अलग-अलग चिकित्सकीय जरूरतों के लिए किया जाता है।

आईवी विटामिन थेरेपी के क्या जोखिम हो सकते हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईवी विटामिन थेरेपी को बिना चिकित्सकीय जरूरत के लेना जोखिम भरा हो सकता है। इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर संक्रमण या नील पड़ना, विटामिन की अधिक मात्रा से विषाक्तता और चल रही दवाओं के साथ नकारात्मक प्रतिक्रिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा आईवी फ्लूड्स बहुत तेजी से या जरूरत से ज्यादा मात्रा में दिए जाने पर शरीर में तरल पदार्थ बढ़ सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आईवी थेरेपी हमेशा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी में और उचित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जिन लोगों को हृदय रोग या किडनी की बीमारी है, उन्हें आईवी विटामिन थेरेपी लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं और नियमित रूप से दवाएं लेने वाले लोगों को भी इस थेरेपी के संभावित फायदे और जोखिम के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर किए ग्लोइंग स्किन से जुडे दावों को देख के या जल्दी एनर्जी मिलने की उम्मीद में यह थेरेपी लेना सही नहीं है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
09 Oct 2026 03:24 pm
Published on:
09 Oct 2026 03:06 pm