
Foods for Babies After 6 Months: बच्चे के लिए जन्म के बाद शुरुआती 6 महीने तक मां का दूध सबसे अहम आहार माना जाता है। लेकिन जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है तो उसकी पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ने लगती हैं। ऐसे में मां के दूध के साथ धीरे धीरे दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ देना शुरू किया जाता है। इसे कॉम्प्लिमेंटरी फीडिंग यानी ऊपरी आहार कहा जाता है। ऐसे में बच्चे के 6 महीने पूरे होने के बाद कई माता पिता के मन में अक्सर सवाल रहता है कि बच्चे की अच्छी सेहत के लिए अंडा, मछली या मीट कब से देना शुरू करना चाहिए। क्या इसके लिए बच्चे के 1 साल का होने तक इंतजार करना जरूरी है? आइए जानते हैं, बच्चे की डाइट में नॉनवेज कब से शामिल किया जा सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, बच्चे को जन्म से लेकर 6 महीने की उम्र तक केवल मां का दूध देना चाहिए। 6 महीने की उम्र के बाद मां के दूध के साथ दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ देना शुरू किया जा सकता है। इस उम्र के बाद बच्चे की बढ़ती पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग अलग तरह के खाद्य पदार्थ धीरे धीरे उसकी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (National Health Service) के अनुसार, लगभग 6 महीने की उम्र से बच्चे को ठोस आहार देना शुरू किया जा सकता है। इस दौरान मांस और मछली को भी बच्चे की डाइट में शामिल किया जा सकता है। मांस और मछली को बच्चे की उम्र के अनुसार अच्छी तरह पकाकर और नरम करके देना चाहिए। मछली देते समय उसके सभी कांटे अच्छी तरह निकालना जरूरी है। इसी तरह मांस देते समय हड्डी के छोटे टुकड़े भी पूरी तरह निकाल देने चाहिए, ताकि बच्चे को खाते समय परेशानी न हो।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (National Health Service) के अनुसार, अंडा भी लगभग 6 महीने की उम्र से बच्चे को दिया जा सकता है। इसके लिए बच्चे के 1 साल का होने तक इंतजार करना जरूरी नहीं है। अंडे के साथ ही किसी नए खाद्य पदार्थ को पहली बार देते समय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर होता है। इससे बच्चे को उस खाद्य पदार्थ से किसी तरह की एलर्जी होने पर उसे पहचानने में आसानी होती है। साथ ही ध्यान दें, अंडे जैसे एलर्जी पैदा करने वाले किसी भी खाद्य पदार्थों को शुरुआत में बच्चे को थोड़ी मात्रा देने के साथ ही बच्चे की प्रतिक्रिया पर नजर रखना चाहिए। अगर किसी नए खाद्य पदार्थ को खाने के बाद बच्चे में एलर्जी के लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे के आहार में मांस, पोल्ट्री, मछली और अंडे जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चे की बढ़ती पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए 6 महीने के बाद बच्चे के ऊपरी आहार में अलग अलग तरह के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी माना जाता है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (National Health Service) के अनुसार, बच्चे को खाना देते समय उसकी उम्र और खाने की क्षमता के हिसाब से भोजन की बनावट और आकार का ध्यान रखना जरूरी है। खाना इतना नरम होना चाहिए कि बच्चा उसे आसानी से खा सके। बच्चे को खाना खिलाते समय उस पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है, क्योंकि ठोस आहार शुरू करने के दौरान खाना गले में अटकने का खतरा रहता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।