WHO Alert: क्या आप भी बारिश या सर्दी में घर के अंदर कपड़े सुखाते हैं? सावधान! WHO की गाइडलाइन के अनुसार यह आदत आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। जाने इंडोर एयर क्वालिटी और फंगस से जुड़े खतरें।
WHO Alert: कड़ाके की ठंड़ हो या मानसून में लगातार होने वाली बारिश, कपड़ों को सुखाना एक बड़ी प्रॉब्लम बन जाती है। जब बाहर धूप नहीं निकलती, तो अक्सर हम घर के कमरों, बालकनी के पास या पंखे के नीचे कपड़े फैला देते हैं। दिखने में यह एक नॉर्मल घर का काम जैसा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी और आपके परिवार की सेहत के लिए साइलेंट किलर साबित हो सकती है?
जब हम गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाते हैं, तो उनमें मौजूद पानी भाप बनकर कमरे की हवा में मिल जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, एक बार की धुलाई के कपड़े हवा में सुखाने से लगभग 2 लीटर पानी हवा में घुल जाता है। अगर कमरे में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) सही न हो, तो यह नमी दीवारों और कोनों में जमा होने लगती है, जिससे फफूंदी होने लगती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि घर के भीतर अधिक नमी और सीलन कई बीमारियों की जड़ है। WHO के अनुसार, सीलन भरे घरों में रहने वाले लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा 75% तक बढ़ जाता है। हवा में मौजूद नमी 'Aspergillus' जैसी खतरनाक फफूंदी को जन्म देती है, जो फेफड़ों में इंफेक्शन पैदा कर सकती है। यह स्थिति अस्थमा के मरीजों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है।