Staff Problems:मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगने के अगले ही दिन 130 में से 35 कर्मचारी रातोंरात काम छोड़कर घरों को भाग गए हैं। एक-दो दिन पहले ही इनकी मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगी थी। नवनियुक्त 35 कर्मचारियों के अचानक काम छोड़ घरों को भागने की सूचना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी सकते में आ गया है।
Staff Problems:मेडिकल कॉलेज में तैनात 35 कर्मचारियों के काम छोड़कर भागने का मामला काफी सुर्खियों में है। ये मामला उत्तराखंड के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामने आया है। दरअसल, दून अस्पताल में दिसंबर से 150 पदों पर वार्ड ब्वॉय और आया समेत 366 पदों पर निजी एजेंसी के माध्यम से भर्ती शुरू हुई थी। पहले इंटरव्यू में 84 और दूसरे में 98 वार्ड ब्वॉय व आया की भर्ती हुई थी। इनमें से महज 130 ने ज्वाइन किया। बड़ी बात ये है कि उन 130 में से 35 कर्मचारी काम छोड़कर घरों को चले गए हैं। अब केवल 95 कर्मचारी ही नौकरी कर रहे हैं। दो लॉट में चयनित हुए 52 कर्मचारियों ने ज्वॉइन ही नहीं किया है। इधर, दून कॉलेज के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक कई कर्मचारी कुछ दिन काम करने के बाद वापस नहीं आए। एजेंसी को सही से काउंसलिंग के बाद ही भेजने को कहा है। एक नई सूची 50 कर्मचारियों की भेजी गई है, उन्हें वार्डों में कार्य आवंटित कर रहे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीए, एमए, बीएड जैसी डिग्रियों वाले युवक-युवतियों ने वार्ड ब्वॉय, वार्ड आया की नौकरी पाई थी। जब उन्हें वार्ड में चादर बदलने, दवाई-उपकरण लाने, मरीजों को शिफ्ट कराने का काम करना पड़ा, तो वह उन्हें नागवार गुजरा। इस प्रकार के कार्य के प्रति रुचि नहीं होने के कारण उनमें से 35 कर्मचारियों ने एक-दो दिन में ही काम छोड़ दिया। कर्मचारियों को सही से काम नहीं बताने और यहां आकर उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।
आईसीयू की एक वार्ड आया को डॉक्टर ने फाइल पकड़ा दी। लेकिन एसएनओ ने उसे जब मरीज की चादर बदलने को कहा तो वह बीएड पास होने की बात कहकर इससे मना करने लगी। उसके बाद वह दोबारा ड्यूटी के लिए दून मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंची। इसी तरह एक मरीज के सैंपल लेने के लिए वार्ड ब्वॉय से वॉयल लेकर आने को कहा तो उसने साफ मना कर दिया। वार्ड ब्वॉय ने कहा कि वह एमए पास है। सामान पकड़वाने के लिए यहां नहीं आया है।