अनलॉक में इन ट्रेनों की सुविधा महंगी होने जा रही है। इन ट्रेनों में सफर करने वालों से स्पेशल चार्ज लिया जा रहा है और इसी के साथ किलोमीटर रेस्ट्रिक्शन चार्ज की वसूली भी होने लगी है।
लखनऊ. कोरोना काल में रेग्युलर ट्रेनों के सांचलन बंद होने से रेल अधिकारियों को कई गुना घाटे का सौदा हुआ है। रेग्युलर ट्रेनों की जगह रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं ताकि रेल यातायात का संचालन पहले की तरह जारी रह सके। लेकिन अनलॉक में इन ट्रेनों की सुविधा महंगी होने जा रही है। इन ट्रेनों में सफर करने वालों से स्पेशल चार्ज लिया जा रहा है और इसी के साथ किलोमीटर रेस्ट्रिक्शन चार्ज की वसूली भी होने लगी है। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्री बीच के जिस भी स्टेशन पर उतरेंगे, उन्हें 500 किमी तक का किराया देना ही होगा।
30 फीसदी स्पेशल चार्ज
सेकेंड क्लास के लिए बेस फेयर का 10 फीसदी और एसी क्लास के लिए अधिकतम 30 फीसदी स्पेशल चार्ज लिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर पटना जंक्शन से किसी भी स्पेशल ट्रेन से यात्री स्लीपर, एसी थर्ड अथवा एसी सेकंड में दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, इलाहाबाद या बीच के किसी भी स्टेशन तक जाएंगे तो उन्हें कानपुर या लखनऊ तक का अतिरिक्त किराया देना होगा। कोरोना काल में रेलवे ट्रेनों और स्टेशनों के रखरखाव पर काफी खर्च कर रहा है। इसके लिए मूल किराये का 10 से 20 फीसदी तक अधिक लेने का प्रावधान है।
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