यूपी में कोरोना संक्रमण की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है और पिछले 24 घंटे ने यूपी सरकार व स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है।
लखनऊ. यूपी में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है और पिछले 24 घंटे ने तो यूपी सरकार व स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग प्रमुख सचिव अमित मोहन के अनुसार एक दिन में कोरोना के 502 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में एक दिन में आए यह सबसे ज्यादा मामले हैं। इसे पूर्व हाल में 31 मई को कोरोना मरीजों की सर्वाधिक संख्या 378 दर्ज हुई थी। इसी के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 9733 पहुंच गई है। लगातार कोरोना का बढ़ता ग्राफ यह गवाही दे रहा है कि चरम सीमा तक पहुँचना अभी भी बाकी है। इस बीच अलनॉक वन में खुले बाजार व दफ्तर के कारण लोगों का आवागमन संक्रमण का डर और बढ़ रहा है। नए कोरोना मामलों में प्रवासी मजदूर की संख्या कम नहीं हैं, हालांकि टेस्ट किए कुल प्रवासियों में केवल तीन प्रतिशत लोग ही पॉजीटिव पाए गए हैं। अभी तक 2583 श्रमिकों ही कोरोना की पुष्टि हुई है जो कुल मामलों का 25 प्रतिशत हैं।
इन जिलों में सर्वाधिक सक्रिय मामले-
गौतमबुधनगर में सबसे ज्यादा 246, गाजियाबाद में 126, मेरठ में 125, बस्ती में 173, अमेठी में 151 व आगरा में 93 एक्टिव केसेस हैं। गुरुवार को कानपुर में 27, उन्नाव में 6, बस्ती में 6, बुलंदशबर में 3, हरदोई, रामपुर व मथुरा में 8-8 नए मरीज मिले हैं।
एक दिन में हुई 12 की मौतें-
गुरुवार को कोरोना से 12 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही कुल मृतकों की संख्या 257 हो गई है। इसमें बुधवार को 15 मौतें हुई है, जो बीते एक सप्ताह में दूसरी दफा है। इससे पहले 28 मई को 15 की जानें गई थीं। यूपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या 9733 पहुंच गई है। यूपी स्वास्थ्य के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोरोना एक्टिव मामले 3828 हैं तो वहीं 5648 मरीज अब तक ठीक होकर घर जा चुके हैं। अमित मोहन का कहना है कि हम आशा कार्यकर्ताओं की मदद से राज्य में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों पर नज़र रख रहे हैं। 12,80,833 मज़दूर अब तक ट्रैक किए जा चुके हैं, जिनमें से 1,163 सिमटोमेटिक हैं। उनके नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए हैं।
नया हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी-
स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार से एक हेल्पलाइन नंबर 1800 180 5146 जारी किया है। यह आम पब्लिक के लिए नहीं है, यह आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स और एएनएम व प्राइवेट दवा की दुकानों के लिए है। अमित मोहन ने बताया कि प्राइवेट दुकानों पर यदि कोई व्यक्ति बुखार या खांसी की दवा ले रहा है तो हमें आप उसकी सूचना दें ताकि हम उनकी जांच करवा सकें और अगर कहीं कोविड की समस्या हो रही हो, तो उनका हम समय से इलाज करवा सकें।