- सुप्रीम कोर्ट ने UP Shiksha Mitra की अपील पर 37,349 पदों पर रोकी भर्ती प्रक्रिया- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जुलाई तक लगा रखी है अंतरिम रोक- UP STF को सौंपी गई 69000 Shikshak Bharti में गड़बड़ियों की जांच
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 31,661 बेरोजगारों को ही सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) बनने का मौका मिलेगा, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद शेष पदों पर रोक लगा दी गई है। मंगलवार को 69000 शिक्षक भर्ती (69000 Shikshak Bharti) मामले में शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने 37,349 पदों पर भर्ती न करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने शेष 31,661 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Sarkar) को 65 और 60 फीसदी अंक के साथ रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दिया था। इस फैसले के विरोध में शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की थी। शिक्षामित्रों ने दायर याचिका में कहा है कि शिक्षक भर्ती की विज्ञप्ति में कट ऑफ मार्क्स का जिक्र नहीं किया गया था। लिहाजा चयन 45 और 40 फीसदी अंक के आधार पर ही होना चाहिए। शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा में 37,339 शिक्षामित्र शामिल हुए थे।
69000 शिक्षक भर्ती का रिजल्ट जारी होने के बाद से कदम-कदम पर मुश्किलें आ रही हैं। शिक्षक भर्ती का रिजल्ट जारी होते ही हाईकोर्ट में एक के बाद एक कई याचिकाएं दायर हुईं। याचिका में प्रश्नों की सत्यता पर सवाल उठे। मामले पर सुनवाई करते हुए काउंसिलिंग शुरू होने के दिन ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा थी। अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।