अभी कुल 47 मंत्री हैं। उनमें सीएम, दो डेप्युटी सीएम, 22 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार के मंत्री और 13 राज्यमंत्री हैं।
लखनऊ. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने योगी सरकार के बहुप्रतिक्षित कैबिनेट विस्तार को अपनी ओर से हरी झंडी दे दी है। अब यूपी कैबिनेट का जल्द विस्तार हो सकता है। माना जा रहा है कि दिपावली से पहले यूपी कैबिनेट का विस्तार हो जाएगा। अमित शहा की बैठक और आरएसएस से हुई मंत्रणा के बाद उत्तर प्रदेश में सात और विधायकों को मंत्री बनाए जा सकते हैं। इन सात विधायकों की सूची सरकार ने फाइनल कर ली है। बस औपचारिकता होना ही बाकी है। सूत्रों की मानें तो योगी कैबिनेट का विस्तार दीवाली से पहले हो जाएगा। वहीं चार मंत्रियों के कद बढ़ाए जाने तो कई मंत्रियों के पर कतरे जाएंगे। अमित शाह के साथ हुई बैठक में मंत्रियों के काम-काज की समीक्षा भी हुई थी। अभी योगी के मंत्रिमंडल में कुल 47 मंत्री हैं। उनमें सीएम, दो डेप्युटी सीएम, 22 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार के मंत्री और 13 राज्यमंत्री हैं। नियमानुसार यूपी मंत्रिमंडल में कुल 60 मंत्री हो सकते हैं।
वहीं जिन मंत्रियों को यह उम्मीद है कि उनके पर कतरे जा सकते हैं वे अपने पदों की रक्षा के लिए दबाव की राजनीति करने में जुट गए हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने सीएम योगी आदित्यनाथ को मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के लिए हरी झंडी दे दी है। विद्यासागर सोनकर, अशोक कटारिया, अपना दल के आशीष पटेल, फैजाबाद के रामचंद्र यादव, अवतार सिंह भड़ाना, विजय बहादुर पाठक, पंकज सिंह और यशवंत सिंह की किस्मत बदल सकती है।
इन सात विधायकों को खुल सकते हैं भाग्य
सूत्रों की मानें तो यूपी के योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार दीपावली से पहले हो सकता है। सात विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। साथ ही कुछ वर्तमान मंत्रियों का कद बढ़ाया और कुछ का कद घटाया जा सकता है। वहीं कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने सीएम योगी आदित्यनाथ को मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के लिए हरी झंडी दे दी है। विद्यासागर सोनकर, अशोक कटारिया, अपना दल के आशीष पटेल, फैजाबाद के रामचंद्र यादव, अवतार सिंह भड़ाना, विजय बहादुर पाठक, पंकज सिंह और यशवंत सिंह की किस्मत बदल सकती हे।
इन विभागों के मंत्रियों से नाराज थे अमित शाह
24 और 25 अक्टूबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राजधानी में थे। उन्होंने, मंत्रियों, संघ के पदाधिकारियों और पार्टी के नेताओं के साथ बैठकें की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में भी मंत्रिमंडल में फरबदल के संकेत दिए गए थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी कुछ विभागों के कामकाज पर असंतोष जताया था और बदलाव के संकेत दे दिए थे। कई मंत्रियों के बारे में शिकायत आ रही थी कि वे जनता से मिलते ही नहीं हैं। कुछ के बारे में शिकायत थी कि वे विभाग के अधिकारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं। इन सबके क्रिया कलाप अतिम शाह नाराज हैं। लखनऊ में 29 अक्टूबर को संगठन और सरकार की होने वाली बैठक भी मंत्रिमंडल विस्तार के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।