81.53 Crore recovered from those who did not wear mask. कोरोना महामारी के बीच यूपी सरकार के राजस्व को काफी फायदा हुआ है। राज्य में अब तक 50 लाख 73 हजार 327 लोगों के चालान काटे गए हैं। इन लोगों से 81 करोड़ 53 लाख 39 हजार 399 रुपए वसूले जा चुके हैं।
लखनऊ. 81.53 Crore recovered from those who did not wear mask. यूपी सरकार (UP Government) ने घर से बाहर निकलने पर कोरोना से बचाव के लिए मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। मगर कुछ लोग अब भी लापरवाही कर रहे हैं। लिहाजा यूपी सरकार ने महामारी और लॉकडाउन के बीच नियमों का पालन नहीं करने वालों से जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया है। इससे यूपी सरकार के राजस्व को काफी फायदा हुआ है। राज्य में अब तक 50 लाख 73 हजार 327 लोगों के चालान काटे गए हैं। इन लोगों से 81 करोड़ 53 लाख 39 हजार 399 रुपए वसूले जा चुके हैं। जबकि लॉकडाउन उल्लंघन के मामलों में पुलिस अब तक 175 करोड़ 17 लाख 94 हजार 865 रुपए जुर्माना वसूल चुकी है। मास्क न पहनने वालों में सबसे ज्यादा चालान वाराणसी में काटे गए हैं।
वाराणसी में सबसे ज्यादा चालान
मास्क न लगाने वालों के सबसे ज्यादा चालान वाराणसी में काटे गए हैं। दूसरे नंबर पर कानपुर, और तीसरे नंबर पर प्रयागराज जिला शामिल हैं। वहीं चौथे स्थान पर लखनऊ और पांचवें पर गाजियाबाद है। इसी तरह मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा मुकदमे यूपी के कुशीनगर में दर्ज हैं। लॉकडाउन के उल्लंघन में धारा-188 के तहत सबसे ज्यादा मुकदमे कुशीनगर में दर्ज किए गए हैं। देवरिया, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर नगर इसके बाद आते हैं। सरकार ने किसी भी तरह से महामारी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों से 100 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक जुर्माना वसूल करने का नियम बनाया है।