लखनऊ

आज न खाएं यह मिठाई बन रहा खतरनाक योगा, मिठाई सेवन से होगी धन हानि, सिर्फ यह मिठाई है हानिकारक

Aaj ka Panchang (19th march 2022) हिंदू पंचांग यानी कि हिंदू धर्म का कैलेंडर, हिंदू पंचांग की खास विशेषताएं हैं। हिंदू समाज में इसकी मान्यता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हिंदू समाज में होने वाले त्यौहार रीति रिवाज शादी विवाह यहां तक जन्मदिन पंचांग की तिथियों के अनुसार ही मनाया जाता है
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Mar 19, 2022
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Aaj Ka Panchang (19th march 2022) हिन्दू धर्म में पंचांग का बहुत मान्यता है। हिन्दू धर्म में पंचांग के अनुसार ही त्योहार, व्रत सहित पूजा के अनुष्ठान किए जाते हैं। ग्रहों के अनुसार तिथियों को अपना विशेष महत्व होता है। इन महत्व के अनुसार हिन्दू धर्म में पंचांग की गणाने के बाद भी शुभ कार्य किए जाते हैं।

Aaj ka Panchang (19th march 2022) हिंदू पंचांग यानी कि हिंदू धर्म का कैलेंडर, हिंदू पंचांग की खास विशेषताएं हैं। हिंदू समाज में इसकी मान्यता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हिंदू समाज में होने वाले त्यौहार रीति रिवाज शादी विवाह यहां तक जन्मदिन पंचांग की तिथियों के अनुसार ही मनाया जाता है। हिंदू पंचांग काफी व्यापक है जो पूरे विश्व में तिथियों की गणना करने की क्षमता रखता है। पंचाग के अनुसार यह जाना जा सकता है कि समय सीमा के अंदर क्या करना लाभकारी व क्या न करना लाभ कारी होगी। आज होली के दूसरे दिन ऐसा योग बन रहा है जिसमें पेठे का सेवन धनहानि करने वाला बताया गाय है। ऐसे में लोगों को पेठे के सेवन से बचना चाहिए। जानकारी का कहना है आज के दिन पेठे का सेवन नहीं करना चाहिए।

हिन्दू पंचांग नक्षत्रों की दशा व दिशा को ध्यान में रखते हुए तिथियों का निर्धारण करता है। पंचांग में चंद्रमा व सूर्य दोनों की स्पष्ट गति को ध्यान में रखा जाता है।‌ ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन व तिथियों का निर्धारण हिंदू पंचांग में किया जाता है। हिंदू धर्म में ग्रहों को देव तुल्य माना जाता है। ऐसे में उनकी स्थिति व दिशा के अनुसार तिथियों का निर्धारण किया जाता है इसी के आधार पर तिथियों को शुभ या अशुभ निर्धारित किया जाता है। हिंदू पंचांग की अपनी वैज्ञानिक मान्यता है जिसके चलते विश्व स्तर पर इसकी स्वीकार्यता भी है।

आज का हिन्दू पंचांग

दिन - शनिवार

विक्रम संवत - 2078

शक संवत -1943

अयन - उत्तरायण

ऋतु - वसंत ऋतु

मास - चैत्र

पक्ष - कृष्ण

तिथि - प्रतिपदा dopahar 12:13 तक तत्पश्चात द्वितीया

नक्षत्र - हस्त रात्रि 12:28 तक तत्पश्चात चित्रा

योग - वृद्धि रात्रि 09:58 तक तत्पश्चात ध्रुव

राहुकाल - सुबह 09:00 से सुबह 10:30 तक

सूर्योदय - 06:02

सूर्यास्त - 17:58

दिशाशूल - पूर्व दिशा में

व्रत पर्व विवरण - बसंत उत्सव प्रारंभ

विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।

Updated on:
19 Mar 2022 01:45 pm
Published on:
19 Mar 2022 01:16 pm